नैनीताल । उत्तराखंड क्रांति दल नैनीताल द्वारा शनिवार को राज्य स्थापना के रजत जयंती वर्ष के मौके पर नैनीताल क्लब सभागार में विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया ।
विचार गोष्ठी का विषय “शहीदों के सपने कितने पास कितने दूर” रखा गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रताप सिंह चौहान द्वारा की गई। विचार गोष्ठी को सम्बोधित करते हुए पूर्व विधायक डॉ. नारायण सिंह जंतवाल ने कहा कि बड़ी शहादत के बाद उत्तराखंड राज्य का गठन हुआ, लेकिन उत्तराखंड राज्य की 85 फीसदी भू भाग की पीड़ा कम नहीं हुई । जन सुविधाओं को लेकर आज भी जनता आंदोलित है। आज राज्य की अपनी विधान सभा है लेकिन इन पचीस वर्षो में राजधानी, मूल निवास, भू क़ानून, पलायन जैसे मुद्दों का हल नहीं हो सका है। राज्य में एक हास्यास्पद स्थिति उत्पन्न हो गई है । सत्तापक्ष के विधायक जनता की समस्याओं के लिए सरकार के खिलाफ ही धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य विधान सभा में स्तरहीन बहस हो रही है ।
डॉ. जंतवाल ने कहा कि राज्य कुछ विधायक व नौकरशाहों के लिए नहीं बना बल्कि जनता के लिए बना है। सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ आज नौजवान आंदोलित है। उत्तराखंड क्रांति दल प्रदेशवासियों के साथ इन मुद्दों को लेकर बड़ा आंदोलन करेगा ताकि शहीदों के सपनों का राज्य बन सके। पूर्व पालिकाध्यक्ष श्याम नारायण ने कहा राज्य की अस्मिता की रक्षा के लिए आज युवा पीड़ी को आगे आना चाहिए ताकि देव भूमि की पहचान संरक्षित हो सके। कार्यक्रम को वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश पांडे, प्रेम कुलियाल, रवि बोरा, मनोज सिंह बिष्ट, हेम चंद्र वारियल, मुकेश वर्मा, भुवन बिष्ट आदि ने सम्बोधित किया। कार्यक्रम में पूर्व बी डी सी सदस्य कोटाबाग व पूर्व छात्र संघ उपाध्यक्ष मनोज सिंह बिष्ट सहित 50 से अधिक लोगों ने दल की सदयस्ता ग्रहण की। संचालन कमलेश चन्द्र पांडे ने किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के अंत में राज्य आंदोलन में शहीद हुए आंदोलनकारियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
गोष्ठी में मदन सिंह बगड़वाल, हरीश अधिकारी,भावना नेगी, लीला बोरा, मनीष बिष्ट, सज़्ज़न शाह, प्रकाश आर्य, इन्दर सिंह नेगी, रवि बाल्मीकि, के एन सुयाल, कमल जोशी, पूर्व उप रजिस्ट्रार हाई कोर्ट रमेश चंद्र कांडपाल, संजय साह, ध्यान सिंह, ललित रजवार, उपेंद्र सिंह, कमल कुमार, विनोद, अबीर सिंह, भूपेंद्र सिंह, आशीष आदि उपस्थित थे।


