नैनीताल । फिल्म ‘लापता लेडीज़’ से प्रसिद्धि पाने वाले अभिनेता दाऊद हुसैन ने कहा है कि नैनीताल जैसे छोटे शहर से मुंबई की भीड़ में पहचान बनाना आसान नहीं है। लेकिन कठिन मेहनत से उन्होंने यह मुकाम हासिल किया है
शुक्रवार को नैनीताल में पत्रकारों से वार्ता में दाऊद हुसैन ने यह बात कही ।
फिल्म लापता लेडीज, प्रसिद्ध निर्देशक किरण राव द्वारा निर्देशित और आमिर खान द्वारा निर्मित है। फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों द्वारा खूब सराहा गया है, और इसमें दाऊद के अभिनय को विशेष रूप से प्रशंसा मिली है।
दाऊद हुसैन, नैनीताल, उत्तराखंड के छोटे से शहर से ताल्लुक रखते हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा नैनीताल से प्राप्त की और उसके बाद तीर्थंकर महावीर विश्वविद्यालय, मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की। वर्ष 2014 में उनका चयन प्रतिष्ठित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD), दिल्ली में हुआ, जिसने उनके अभिनय को नई दिशा दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दाऊद ने अपने संघर्षों और फिल्म इंडस्ट्री में सफर को भी साझा किया। उन्होंने बताया कि एक छोटे शहर से आकर बड़े सपनों को साकार करना आसान नहीं होता। उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में अपनी जगह बनाने के लिए कई कठिनाइयों का सामना किया, लेकिन कभी हार नहीं मानी। उन्होंने कहा, “मुंबई की भीड़ में पहचान बनाना वक्त लेता है, लेकिन अगर लगन और मेहनत सच्ची हो, तो मंज़िल ज़रूर मिलती है।”
दाऊद के पिता मंज़ूर हुसैन स्वयं एक अनुभवी थिएटर कलाकार हैं और ‘युगमंच’ से जुड़े हैं। रंगमंच से दाऊद का नाता बचपन से ही रहा है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत टीवी सीरियल ‘दृष्टांत’ से की थी, जिसमें उन्होंने पंकज कपूर के साथ स्क्रीन साझा की थी।
इसके बाद उन्होंने ‘कैंडी’, ‘आर्या 3’ जैसी वेब सीरीज में अभिनय किया, और फिल्म ‘टिकड़म’ में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में वे प्रसिद्ध अभिनेता पियूष मिश्रा के थिएटर ग्रुप के साथ सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में चर्चित कलाकार इदरीस मलिक, मिथिलेश पांडे, पवन, और दाऊद हुसैन की पीआर टीम भी मौजूद रही। सभी ने दाऊद की सफलता और संघर्षपूर्ण यात्रा की सराहना की और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
दाऊद हुसैन की यह यात्रा न केवल उनके लिए बल्कि उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो छोटे शहरों से बड़े सपने लेकर निकलते हैं।