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प्रभागीय वनाधिकारी ने हाईकोर्ट के समक्ष स्वीकारी भूल ।
नैनीताल । उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने नगला पंतनगर में नेशलन हाईवे में अतिक्रमण सम्बन्धी अपीलों का निस्तारण एक माह के भीतर करने के निर्देश जिला जज उधमसिंहनगर व वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त को दिए हैं । मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ में हुई । पिछली सुनवाई में कोर्ट ने नगला पंतनगर क्षेत्र के डी एफ ओ द्वारा अतिक्रमणकारियों को पी पी एक्ट में 10 दिन के बजाय 15 दिन का नोटिस देने पर गम्भीर सवाल उठाते हुए प्रमुख वन संरक्षक से उक्त डी एफ ओ की इस मंशा की जांच के आदेश दिए थे । लेकिन आज डी एफ ओ ने कोर्ट में पेश होकर बताया कि भूलवश ऐसा हुआ है और उन्होंने अब कोर्ट के आदेशों का पालन किया है । उनके इस जबाव से कोर्ट संतुष्ट थी ।
    मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी  अमित पाण्डे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर नगला क्षेत्र में अतिक्रमण से सड़क संकरी होने की शिकायत करते हुए अतिक्रमण हटाने हेतु जिला प्रशासन को निर्देशित करने की मांग की है ।
   शुक्रवार को  याचिका की सुनवाई के दौरान क्षेत्र के प्रभागीय वनाधिकारी और जिला प्रशासन ने न्यायालय को बताया कि लोगों को 738 लोगों को बेदखली के नोटिस  दिए गए हैं। जिनकी अपीलें जिला जज व वन संरक्षक पश्चिमी वृत्त के स्तर में लंबित हैं।
 जिस पर खंडपीठ ने जिला जज और वन संरक्षक को आदेश दिए हैं कि वो एक माह में इन अपीलों को निस्तारित करें। इसके साथ ही न्यायालय ने सरकार से कहा कि वो बिना तारीख लिए न्यायालय में इन अपीलों को निस्तारित कराएं। न्यायालय ने मामले में एक माह बाद रिपोर्ट दाखिल करने को भी कहा है।

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