*सर्वार्थ सिद्धि योग एवं अमृत सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग में मनाया जाएगा इस बार कामिका एकादशी व्रत-:*
इस बार कामिका एकादशी व्रत सर्वार्थ सिद्धि योग एवं अमृत सिद्धि योग के दुर्लभ संयोग में मनाया जाएगा। श्री हरि भगवान विष्णु के अतिरिक्त यह दिन पार्थिव पूजन एवं शिवार्चन के लिए भी सर्वोत्तम दिन है क्योंकि शिववास की गणना के अनुसार भी इस दिन भोलेनाथ कैलाश में वास करते हैं इन सब से भी महत्वपूर्ण इस दिन श्रावण मास का सोमवार भी है जो कि भगवान भोलेनाथ को समर्पित है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ऐसा दुर्लभ संयोग बहुत कम देखने को मिलता है।
*शुभ मुहूर्त-:*
इस बार कामिका एकादशी व्रत दिनांक 21 जुलाई 2025 दिन सोमवार को मनाया जाएगा। यदि तिथि की बात करें तो इस दिन 10 घड़ी 25 पल अर्थात प्रातः 9:39 बजे तक एकादशी तिथि रहेगी। यदि नक्षत्र के बारे में जानें तो इस दिन रोहिणी नामक नक्षत्र 39 घड़ी पांच पल अर्थात रात्रि 9:07 बजे तक है। इस दिन बालव नामक करण 10 घड़ी 25 पल अर्थात प्रातः 9:39 बजे तक है। यदि इस दिन के चंद्रमा की स्थिति को जानें तो इस दिन चंद्र देव पूर्ण रूपेण वृषभ राशि में विराजमान रहेंगे। यदि सर्वार्थ सिद्धि योग की बात करें तो इस दिन प्रातः 5:29 से अगले दिन प्रात 5:30 बजे तक सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा और अमृत सिद्धि योग रात्रि 9:07 से अगले दिन प्रातः 5:30 बजे तक रहेगा।
*पूजा विधि*

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कामिका एकादशी व्रत के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर शौच आदि से निवृत होकर किसी नदी या जल स्रोत में स्नान करें यदि ऐसा संभव न हो तो स्नान के जल में गंगाजल मिलाकर घर पर ही स्नान कर सकते हैं। स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें तुलसी वृंदावन के समीप बैठकर एक चौकी में स्वच्छ पीला वस्त्र बिछायें। उस पर श्री हरि भगवान विष्णु एवं माता लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें। उन्हें स्नान कराएं, पंचामृत स्नान कराकर पुनः शुद्ध जल से स्नान कराएं। तदुपरांत रोली कुमकुम चढ़ाएं अक्षत के स्थान पर जौं का प्रयोग करें। इस दिन चावल का प्रयोग बिल्कुल न करें तथा घर पर भी कोई भी सदस्य चावल का प्रयोग ना करें। श्री हरि भगवान विष्णु एवं लक्ष्मी का शुभ शोडषोपचार पूजन करें। आरती के उपरांत तीन बार प्रदक्षिणा करें।

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*लेखक- आचार्य पंडित प्रकाश जोशी गेठिया नैनीताल*

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By admin

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