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उत्तरकाशी । निर्माणाधीन सिलक्यारा बड़कोट सुरंग में फंसे 41 मजदूरों तक राहत व बचाव दल ने मंगलवार को 17 वें दिन पाइप पहुंचा दिए हैं और एन डी आर एफ की टीम अंदर जाने को तैयार है और जल्द मजदूरों को बाहर निकलने की उम्मीद है ।

इधर शाम को राष्ट्रीय प्रबंधन प्राधिकरण के सदस्य सैय्यद अता हसनैन ने पत्रकारों को बताया कि 57 मीटर से अधिक की ड्रिल की जा चुकी है । लेकिन अभी और कुछ खुदाई होनी है । जिसमें कुछ और समय लग रहा है । बताया कि मजदूर देर शाम तक ही निकल सकेंगे । उन्होंने कहा कि एक मजदूर के निकलने में 4-5 मिनट लग सकते हैं और सभी मजदूरों को निकलने में 3 घण्टे से अधिक का समय लग सकता है ।

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इस बीच शाम 8 बजे से मजदूरों के बाहर निकलने का क्रम शुरू हो गया और 8.35 बजे तक सभी मजदूर सकुशल निकाल लिए गए। जिसके बाद वहां मौजूद लोग खुशी से झूम रहे हैं ।

 

सुरंग के टनल में करीब 57 मीटर की दूरी पर मजदूर फंसे थे । यह हादसा 12 नवम्बर दिवाली की सुबह हुआ था । उन्हें निकालने के लिये हुए तमाम प्रयासों के बाद मंगलवार को खदान कार्य में निपुर्ण मजदूरों ने रैट माइनिंग ( चूहों की तरह खदान) तकनीकी से करीब 10 मीटर के हिस्से की खुदाई की और आज अंततः अंदर फंसे मजदूरों तक पाइप पहुंच दी गई ।

मजदूरों के स्वास्थ्य उपचार के लिये चिन्यालीसौड़ में बनाये गए अस्पताल में ले जाया जाएगा । जहां उनका उपचार होगा । किसी मजदूर की हालत खराब होने पर उन्हें एयरलिफ्ट करने की भी व्यवस्था की गई है । लेकिन ये सभी मजदूर सकुशल बताए गए । इन मजदूरों में सबसे अधिक 15 मजदूर झारखंड के हैं । इसके अलावा उड़ीसा,बिहार,पश्चिम बंगाल,उत्तराखण्ड, हिमांचल प्रदेश,उत्तर प्रदेश राज्यों के मजदूर हैं ।

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मजदूरों को काले चश्मे भेजे गए हैं ताकि 17 दिन बाद सुरंग से  बाहर आ रहे मजदूरों की आंखों में बाहर की तेज रोशनी का दुष्प्रभाव न पड़े । हालांकि टनल के अंदर भी रोशनी की व्यवस्था की गई थी ।

मौके पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी,केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राज्य मंत्री जनरल बी के सिंह सहित बड़ी संख्या में जन प्रतिनिधि मौजूद हैं ।

 

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