नैनीताल । नैनीताल नगर पालिका द्वारा किये गए लेकब्रिज चुंगी के टेंडर सहित डी एस ए कार पार्किंग,मेट्रोपोल कार पार्किंग की टेंडर प्रक्रिया के खिलाफ हाईकोर्ट में दायर 4 अलग अलग याचिकाओं की सुनवाई एक साथ 1 अप्रैल मंगलवार को होगी । इस मामले में सबसे अधिक चर्चा लेकब्रिज चुंगी की हो रही है । जिसका टेंडर नैनीताल के उमेश मिश्रा के नाम 2.88 करोड़ रुपये में हुआ है । हालांकि अभी उन्होंने टेंडर शर्तों के मुताबिक टेंडर की पहली किश्त पालिका के खाते में जमा नहीं की है ।
लेक ब्रिज चुंगी के टेंडर को दीवान सिंह फर्त्याल ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा है कि नगर पालिका ने टेंडर की शर्तों में जान बूझकर ऐसी शर्त रखी है ताकि वे टेंडर प्रक्रिया में हिस्सा न ले सकें । इस शर्त के अनुसार लेक ब्रिज चुंगी के टेंडर में वही व्यक्ति हिस्सा ले सकेगा जिसको चुंगी वसूलने का पिछले 6 सालों में एक साल का अनुभव हो । जबकि पिछले साल इस अनुभव की सीमा 5 साल रखी थी । याचिकाकर्ता के अनुसार उसने 7 साल पहले लेकब्रिज चुंगी का काम किया था और उसे इस टेंडर प्रक्रिया शामिल होने से रोका जा रहा है ।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जी.नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने इस मामले में नगर पालिका से जबाव मांगा है ।
इसके अलावा सुमित जेठी व ठाकुर इंटरप्राइजेज ने अलग अलग याचिकाएं दायर कर डी एस ए कार पार्किंग व मेट्रोपोल होटल कार पार्किंग के टेंडर प्रक्रिया को चुनौती दी है । इन सब याचिकाओं की सुनवाई मंगलवार को होगी ।