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नैनीताल । मुख्यमंत्री का 4 नवम्बर को वीरभट्टी  स्थित पार्वती प्रेमा जगाती सरस्वती विहार विद्यालय के वार्षिकोत्सव में पहुंचने का कार्यक्रम है । उससे पूर्व गुरुवार की सुबह प्रशासन ने वीरभट्टी में अवैध रूप से बने मदरसे के भवन को ध्वस्त करने की कार्यवाही शुरू की है । इस दोमंजिले भवन को जे सी बी से तोड़ दिया है ।

राजस्व विभाग की जांच में मदरसे के लिये भवन का 266.05 स्क्वायर मीटर हिस्सा अवैध  पाया गया । जिसे आज जे सी बी द्वारा तोड़ा गया  । ध्वस्तीकरण की कार्यवाही राजस्व विभाग,प्राधिकरण व अन्य विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में हो रही है । इस स्थान पर मस्जिद के लिए दी गई जमीन में अवैध रूप से मदरसा बनाकर चलाया जा रहा था । मदरसे में रह रहे बच्चों के अभिभावकों ने  प्रशासन से वीरभट्टी में संचालित मदरसे में बच्चों की सही देखरेख न होने की शिकायत की थी । जिसके बाद 8 अक्टूबर को प्रशासन ने मदरसे का निरीक्षण किया । जहां कई अनियमितताएं पाई गई थी ।  जिसके बाद तल्लीताल थाने में मुकदमा दर्ज हुआ था ।

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ज्ञात हो बढ़ वर्ष से गेठिया ग्राम के तोक देवुवाजाला में मौलाना हारून द्वारा वीरभट्टी मदरसा नाम से सरकारी भूमि पर कब्जा कर मदरसा चलाया जा रहा था। यहां 40 बच्चे अध्ययनरत थे । लेकिन बच्चों पर अनैतिक व्यवहार होने पर अभिभावकों द्वारा आपत्ति करने पर प्रशासन द्वारा जांच की तो मदरसा में कई अनिमितता पाई गई। यही नहीं बच्चे बीमार हालत में मिले जिनका उपचार कर बच्चों को हल्द्वानी के एक अन्य मदरसे में शिफ्ट किया गया। बाद में बच्चों को उनके अभिभावकों को सौंप दिया गया। प्रशासन द्वारा मौलाना को समय दिया कि वह सीमा तक दस्तावेज लेकर प्रशासन को रिपोर्ट करें लेकिन मौलाना दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहे । जिस कारण प्रशासन ने सरकारी जमीन से अवैध कब्जा ध्वस्त कर हटा दिया है।

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बताया गया है कि अंजुमन इकरा नाम से यह मदरसा 2010 से संचालित था । जिसमें कई तरह की शिकायतें थी । यह जगह गेठिया ग्राम सभा में है । इस स्थान से सड़ियाताल ग्राम सभा के बकरखोड़ तोक को भी पैदल रास्ता था जो बाद में मस्जिद संचालकों ने बन्द कर दिया था । जिससे ग्रामीणों में रोष था ।

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