उत्तराखंड राज्य में संचालित समस्त राजकीय विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता एवं लम्बे समय से रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया न होने से उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ ने चिंता व्यक्त की है।

 

रविवार को महासंघ की प्रदेश कार्यकारिणी की वर्चुअल बैठक अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत की अध्यक्षता में आयोजित हुई । बैठक में संगठन की 11 सूत्रीय मांग पत्र पर विस्तृत चर्चा हुई। उक्त बैठक में प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों से पदाधिकारी शामिल हुए जिसमें संगठन के पदाधिकारियों द्वारा शासन स्तर से प्रवेश प्रक्रिया सहित परीक्षा के कार्य स्वयं के स्तर से कराने से उत्पन्न व्याधियों से विश्वविद्यालयों में अनावश्यक दवाब पड़ने सहित परीक्षा कार्य के संपादन में गोपनीयता के साथ ही शासन की सह में विश्वविद्यालय के बाहर के प्राधिकारियों के दखल बढ़ने पर चिंता जाहिर की गई।

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बैठक में नई शिक्षा नीति में स्वायत्तता पर विशेष जोर होने के बावजूद विश्वविद्यालयों में अनावश्यक वाह्य दखल पर भी चिंता जाहिर की गई। इसके साथ ही समस्त राजकीय विश्वविद्यालयों में दीर्घावधि से रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया करने, सभी संवर्ग में स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, गोल्डन कार्ड, सहायक कुलसचिव के पदों पर पूर्व की भाँति 50% कोटा बहाल करने, समयबद्ध पदोन्नति जैसे मुद्दों पर मजबूती से मांग पत्र शासन को दिए जाने का निर्णय लिया गया। बैठक का संचालन महासंघ के महामंत्री प्रशांत मेहता ने किया।

 

महासंघ के अध्यक्ष भूपाल सिंह करायत एवं महामंत्री प्रशांत मेहता ने बताया कि संगठन द्वारा उत्तराखंड शासन को जल्द ही मांग पत्र प्रेषित किया जाएगा। । जिसमें सभी राजकीय विश्वविद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने, समस्त विश्वविद्यालयों में समान पद- समान व्यवस्था लागू करने, चतुर्थ श्रेणी सहित समस्त पदोन्नति प्रक्रिया प्रारंभ करने, सभी विश्वविद्यालयों में स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, गोल्डन कार्ड का लाभ देना सहित कई मुद्दों के जल्द निस्तारण का अनुरोध किया जाएगा।

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उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर समय-समय पर वार्ताएं करता रहा है। इसी क्रम में संगठन की कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गयी जिसमें संगठन की मांगों की समीक्षा करने के साथ आगे की रणनीति भी तय की गई है।

इस बैठक में डॉ लक्ष्मण सिंह रौतेला, संरक्षक  कुलदीप सिंह, उपाध्यक्ष आनंदी शर्मा, उपाध्यक्ष  धन सिंह नेगी,  देवेंद्र धामी,  प्रमोद कुमार, विपिन चंद्र, संयुक्त मंत्री  गणेश बिष्ट, आशुतोष गैरोला, प्रवक्ता चंद्र मोहन पैनुली, संगठन मंत्री प्रकाश चंद्र तिवारी,  विनोद कुमार, एवं सुनीता चंद्र तिवारी आदि उपस्थित थे।

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