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नैनीताल ।राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान एनआईओएस से डीएलएड प्रशिक्षित शिक्षकों के एक अन्य मामले की हाईकोर्ट के संयुक्त पीठ में न्यायमूर्ती मनोज तिवारी व रमेश चन्द्र खुल्बे की सुनवाई करते हुए बुधवार 25 मई को अन्तरिम आदेश देते हुए कहा कि गतिमान शिक्षक भर्ती में इन एनआईओएस डीएलएड योग्यता धारियों को भी सम्मिलित किया जाए लेकिन इनके नियुक्ति पत्रों को शीलबंद लिफाफे में तबतक रखा जाय जबतक न्यायालय अपना अन्तिम निर्णय नहीं सुना दे l

आपको बताते चले कि केंद्र के दिशा निर्देश पर राज्य सरकार ने इन एनआईओएस डीएलएड उपाधि धारकों को 15 जनवरी 2020 को शासनादेश निर्गत करते हुए गतिमान प्राथमिक शिक्षक भर्ती में इन्हे भी सम्मिलित करने के आदेश दिए जिसे 20 दिन बाद 10 फरवरी को निरस्त कर दिया l जिस कारण ये लोग कोर्ट की शरण में आए और गतिमान 2648 पदों की भर्ती पर स्टे लग गया l सिंगल बैंच ने इनके पक्ष मे निर्णय दिया बाद में डबल बैंच मे भी सुना गया तत्कालीन न्यायाधीश मनोज तिवारी व आलोक वर्मा के द्वारा स्टे हटाते हुए भर्ती को न्यायालय के अन्तिम निर्णय इनके केस न॰ 350/2021 के अधीन नियुक्ति प्रदान किए गए l लेकिन इन्हें भर्ती से वंचित कर दिया गया l
आज न्यायमूर्ति मनोज तिवारी व आर॰सी॰ खुल्बे  की खंडपीठ ने  पुनः इनके मामले को विस्तार से सुनते हुए इनके पक्ष में निर्णय सुना दिया है l पूर्व में 28 अप्रैल को भी संयुक्त पीठ संजय कुमार मिश्रा व आर॰सी॰ खुल्बे ने भी इनके पक्ष में अन्तरिम आदेश पारित किया है l
प्रदेश अध्यक्ष नन्दन बोहरा का कहना है कि सरकार हम प्रशिक्षित बेरोजगारों का अब शोषण करना बन्द करे l न्यायपालिका के आदेशो का शीघ्र पालन करे l ऐसे तथ्य निकालने का प्रयाश न किया जाय जिससे हम व हमारा परिवार और परेशान होवे l

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