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देहरादून । आशा वर्कर्स यूनियन ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. धन सिंह रावत को ज्ञापन देकर आशाओं की मांगों का समाधान करने की पुरजोर मांग की गई है । इधर 23 व 24 फरवरी को आशा वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशा वर्कर मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालयों में धरना प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजेंगे ।

यह ज्ञापन देहरादून में यूनियन की प्रदेश अध्यक्ष कमला कुंजवाल,बाजपुर की रीता कश्यप व काशीपुर की सुधा शर्मा द्वारा दिया गया । उन्होंने सरकार द्वारा आशाओं की मांगों के प्रति उदासीन रवैय्या अपनाने पर रोष जताया ।

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ज्ञापन में कहा है कि भारत सरकार ने पिछले एक दशक से आशाओं की मेहनताना राशि (प्रोत्साहन राशि) व सेवा शर्तों में कोई वृद्धि नहीं की है जिस कारण उत्तराखण्ड व देश की आशा वर्कर्स न्यूनतम गुजारे लायक मानदेय तक से वंचित हैं।

इस वर्ष 2024 के बजट में भी आशाकर्मियों सहित अन्य स्कीम वर्करों के लिए भारत सरकार ने कोई घोषणा नहीं की है जो निंदनीय है।

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उन्होंने आशा वर्कर्स को नियमित मासिक वेतन देने, उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा व सेवानिवृत्त होने पर सभी आशाओं के लिये अनिवार्य पेंशन का प्रावधान किये जाने, रिटायरमेंट के समय एकमुश्त 10 लाख का भुगतान किये जाने, आशाओं के मानदेय व भत्तों को महीनों तक लटकाने के बजाय अनिवार्य भुगतान करने की मांग की है ।

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