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नैनीताल । 18 वीं लोक सभा चुनाव की तिथि कुछ ही दिनों में घोषित हो जाएगी और इससे पूर्व ही गली, मोहल्लों व चौराहों में लोक सभा चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज होने लगी हैं ।

 

राज्य की प्रतिष्ठित लोक सभा सीटों में शामिल नैनीताल लोक सभा सीट में राज्य बनने के बाद तीन बार कांग्रेस दो बार भाजपा जीत दर्ज कर चुकी है । नया राज्य बनने के बाद 2002 में हुए चुनाव में कांग्रेस ने जीत दर्ज की तो नैनीताल के तत्कालीन सांसद पंडित नारायण दत्त तिवारी राज्य के मुख्यमंत्री बने और उन्होंने लोकसभा से इस्तीफा दिया । जिसके बाद हुए उप चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. महेंद्र पाल ने भाजपा के बलराज पासी को एक लाख से अधिक मतों से हराया ।

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2004 व 2009 में कांग्रेस के, के सी बाबा सांसद चुने गए । 2014 में भाजपा के कद्दावर नेता भगत सिंह कोश्यारी ने के सी बाबा को 2.84 लाख मतों के अंतर से शिकस्त दी । 2019 में भाजपा प्रत्याशी अजय भट्ट ने कांग्रेस के सबसे बड़े नेता हरीश रावत को 3.39 लाख के अंतर से पटकनी दी । इस सीट को अब भाजपा 5 लाख के अंतर से जीतने का लक्ष्य बना रही है ।

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दूसरी ओर मोदी की सुनामी में भारी अंतरों से जीत दर्ज कर रही भाजपा नेता क्या अपने दावों को पूरा कर पा रहे हैं इसके लिये यहाँ हम 2014 में भाजपा प्रत्याशी भगत सिंह कोश्यारी द्वारा किये गए वायदों/प्राथमिकताओं का पर्चा साझा कर रहे हैं । ताकि सनद रहे ।

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