नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नगर पालिकाध्यक्ष बड़कोट, विनोद डोभाल के तहसील बड़कोट के कोटियाल गांव में चल रहे स्टोन क्रशर को सीज कर जुर्माना लगाने के प्रशासन के आदेश पर रोक लगा दी है ।
मामले के अनुसार उपजिलाधिकारी बड़कोट,जिला खनन अधिकारी उत्तरकाशी, राजस्व अधिकारियों व पुरोला थाने की पुलिस टीम ने 27 फरवरी 2025 को विनोद दोभाल के “मैसर्स अस्तित्व अनन्तराज इंटरप्राइजेज” में छापा मारा । इस टीम ने मौके पर अवैध खनन व भंडारण होना पाते हुए स्टोन क्रशर को बंद करने के निर्देश देते हुए 17.50 लाख का जुर्माना लगाया था । यह स्टोन क्रशर यमुना नदी के किनारे कोटियाल गांव के जटा नामे तोक में स्थापित है ।
प्रशासन के इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए विनोद डोभाल की ओर से हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने कोर्ट को बताया है कि यह स्टोन क्रशर खनन नीतियों का पालन कर स्थापित है । किन्तु याचिकाकर्ता के बड़कोट नगर पालिका का निर्दलीय अध्यक्ष चुने जाने के बाद राजनीतिक विद्वेष की भावना के कारण उनके स्टोन क्रशर को सीज किया गया है । प्रशासन ने इससे पहले भी उनके स्टोन क्रशर के खिलाफ कार्यवाही की है और करीब 13 लाख रुपये का जुर्माना लगाया ।
हाईकोर्ट के मुख्य न्यायधीश न्यायमूर्ति जी.नरेंद्र व न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की खंडपीठ ने याचिका की सुनवाई के बाद उक्त स्टोन क्रशर को सीज करने व जुर्माना लगाने के प्रशासन के आदेश पर रोक लगाते हुए सरकार को जबाव देने के निर्देश दिए हैं ।