नैनीताल । प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री विक्रम की अदालत ने एक नाबालिग युवक को आत्महत्या के लिये उकसाने के 6 आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया है ।
मामले के अनुसार 11 अगस्त 2020 को मल्लीताल कोतवाली में स्थानीय निवासी रमेश प्रसाद ने रिपोर्ट दर्ज कराई की उसके पुत्र राहुल जो कि नाबालिग था,ने 17 अप्रैल 2020 को पेड़ से लटककर फांसी लगा ली थी । रमेश प्रसाद ने राहुल की मौत के लिये पड़ोस में रहने वाले आनन्द राम, उनकी पत्नी रमा देवी, उनके पुत्र मोहित, उनके दामाद धनीराम,दामाद के भाई प्रकाश राम व पड़ोसी महिला कोमल को दोषी ठहराया ।
रिपोर्ट कर्ता के अनुसार आरोपी आनंदराम की नाबालिग पुत्री ने एक बच्ची को जन्म दिया था और राहुल पर इस बच्ची का पिता होने का आरोप लगाया गया । इस आरोप में उसे फरवरी 2020 में बाल सुधार गृह हल्द्वानी भेजा गया । 29 फरवरी 2020 को वह बाल सुधार गृह से छूटा तो उस पर शादी का दबाव बनाया गया और उसे ताने दिए गए । रमेश प्रसाद ने पुलिस को बताया कि डी एन ए रिपोर्ट आने के बाद यह रिपोर्ट लिखाई गई ।
इस मामले में पुलिस ने राहुल का डी एन ए टेस्ट कराया । जो नेगेटिव आया । लेकिन इस रिपोर्ट के आने से पूर्व ही राहुल ने आत्महत्या कर ली थी । इस मामले में पुलिस ने परिवार के अन्य सदस्यों का भी डी एन ए टेस्ट कराया था । जिसमें पीड़िता किशोरी के जीजा धनीराम का डी एन ए, नवजात बच्ची के डी एन ए मिला था । जिसके खिलाफ दुराचार व पॉक्सो अधिनियम में मुकदमा दर्ज हुआ ।
इधर इस मामले में राहुल को आत्महत्या के लिये उकसाने के सभी 6 आरोपियों की सजा के मामले में हुई सुनवाई के दौरान गवाहों के बयानों,पुलिस रिपोर्ट व अन्य परिस्थिति जन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट ने सभी आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया । गवाहों के बयानों में कहा गया कि राहुल घटना के बाद शादी के दबाव के अलावा प्रिंट व इलेक्ट्रोनिक मीडिया में आई खबरों से हुई बदनामी से परेशान था । इसके अलावा घटना के साढ़े तीन माह बाद रिपोर्ट दर्ज होना भी आरोपियों के दोषमुक्त होने का कारण बना ।