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सत्संगति हमें सत्कर्म की प्रेरणा देती है इसलिए भागवत श्रवण लाभकारी है @ नमन कृष्ण

सुमीर सुमीर नर उतरहीं पारा
कलियुग केवल नाम आधारा

नव साँस्कृतिक सत्संग समिति, शेर का डांडा, नैनीताल में आयोजित कृष्ण भागवत के प्रथम दिवस में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए व्यास के रूप मे भागवत किंकर श्री नमन कृष्ण महाराज जी ने भागवत श्रवण के महात्म्य पर ज्ञान वर्धन किया।
भौतिकवादी समय की अस्त व्यस्त जिंदगी में मनुष्य के नैतिक मूल्यों में कमी का कारण सत्संग की कमी है, सत्संग ही सत्कर्मों के लिए प्रेरित कर्ता है।
नव साँस्कृतिक सत्संग समिति की पहल पर आयोजित भागवत के प्रथम दिवस की पूजा अर्चना में यजमानों के रूप में खुशहाल सिंह रावत, पी सी पांडे, बी सी पंत, इंद्र सिंह रावत, कैलाश जोशी, लक्ष्मण सिंह बिष्ट, मोहन जोशी, संतोष पंत, शेखर जोशी, दिनेश पांडे, दीपक जोशी द्वारा योगदान दिया गया।
भागवत के आयोजन को सफल बनाने में दीपक पांडे, घनानंद भट्ट, प्रकाश पांडे, विनोद सनवाल, हिमांशु पांडे, ललित मोहन पांडे आदि द्वारा योगदान दिया जा रहा है। भागवत के दौरान सवेरे के सत्र में पूजन अर्चन एवं सायं कालीन सत्र में कथा का वाचन किया जा रहा है ।
मुक्ति हरी नाम से होगी ना कि पिण्ड दान से इसलिए जीते जी सभी को सत्संग करना चाहिए और अच्छे कर्म करने चाहिए।
भागवत कथा में एक प्रसंग आता है कि कथा को सुनने से प्रेत योनि से दूंदकारी को तक मुक्ति मिली तो हम जीवित प्राणियों का स्व विकास एवं आत्म परिष्कार भी कथा को सुनने से ही हो जाता है।

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