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नैनीताल । महात्मा गांधी की प्रतिमा को विस्थापित करने सहित तमाम मुद्दों पर नैनीताल के नागरिकों और प्रशासनिक अधिकारियों की जिला विकास प्राधिकरण के सभागार में  हुई बैठक  बेनतीजा रही।

 

बैठक में नैनीताल की संयुक्त मजिस्ट्रेट वरुणा अग्रवाल, प्राधिकरण के सचिव और लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता समेत अनेक अधिकारी मौजूद थे।

पद्मश्री शेखर पाठक ने  ऐतिहासिक साक्ष्यों, पर्यावरणीय परिस्थितियों और हाल के अनुभवों के आधार पर महात्मा गांधी तथा पंडित गोविन्द बल्लभ पंत की मूर्तियों को न हटाने तथा तल्लीताल डाकखाने को ध्वस्त न करने की पुरजोर वकालत की।

पद्मश्री अनूप साह ने नैनीताल को बचाने के लिए अधिकतम गाड़ियों को शहर से बाहर रखने तथा नैनीताल को प्राकृतिक रूप से बचाने तथा स्वस्थ रखने का सुझाव दिया।

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पर्यावरणविद विनोद पाण्डे ने बढ़ते हुए ट्रैफिक के चलते पहाड़ियों पर मौजूद जंगलों पर आ रहे खतरे का उल्लेख किया। वक्ताओं ने अनाप-शनाप चलने वाली बाइकों के कारण पैदल चलने वालों के सामने आने वाले खतरों, बरसात में तीखे ढलान पर लगे टाइलों के गधेरा बन जाने, नालियों की सफाई न होने, अनावश्यक रूप से लगाये जा रहे भद्दे भित्ति चित्रों, ठण्डी सड़क पर हर साल बदल जाने वाले बिजली के खम्भो आदि अनेक मुद्दों पर अधिकारियों को घेरने की कोशिश की ।

 

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मगर हाई कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने अपना बचाव किया और सारे तर्कों को ख़ारिज कर गांधी जी की मूर्ति न हटाने आदि तमाम मांगों को अस्वीकार कर दिया ।

दो घंटों से अधिक समय तक चली बैठक में कुर्माचल बैंक के अध्यक्ष विनय साह, पूर्व अध्यक्ष आलोक साह, पूर्व पालिका अध्यक्ष मुकेश जोशी ‘मंटू, मल्लीताल व्यापार मण्डल के अध्यक्ष किशन नेगी, उत्तराखंड महिला मंच की प्रो. उमा भट्ट, डॉ. शीला रजवार, माया चिलवाल, यशपाल रावत, राजेश साह, योगेश साह, सरस्वती खेतवाल, लीला बोरा, सुमित साह, त्रिभुवन फर्तियाल, नीता पँवार राणा, अदिति खुराना आदि अनेक लोगों ने भागीदारी की ।

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