खबर शेयर करें 👉

नैनीताल । हाईकोर्ट के निर्देश पर दैनिक वेतन,संविदा कर्मियों के नियमितीकरण के सम्बंध में उत्तराखंड सरकार द्वारा मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की 28 अगस्त को हुई बैठक में संविदा, वर्कचार्ज, दैनिक वेतन कर्मियों के सेवा नियमितीकरण हेतु दिसम्बर 2008 यानी 2018 में दस वर्ष की सेवा कर चुके कार्मिकों को नियमित करने के प्रस्ताव पर कुमाऊं विश्व विद्यालय के संविदा, दैनिक कर्मियों ने रोष व्यक्त किया है।

सोशल मीडिया में वायरल कार्यवृत्त पर निराशा व्यक्त करते हुए कुमाऊं विश्व विद्यालय के संविदा, दैनिक कर्मचारियों ने आपात बैठक का आयोजन किया । जिसमें सभी वक्ताओं ने शासन के शीर्ष अधिकारियों की इस समिति की संस्तुति पर रोष व्यक्त किया।

ALSO READ:  नैनीताल की ट्रैफिक व्यवस्था से हाईकोर्ट चिंतित, हाईकोर्ट ने कहा नैनीताल की संकरी सड़कें और भौगोलिक परिस्थितियां अनियंत्रित संख्या में वाहनों का भार सहन करने की अनुमति नहीं देतीं।

 

वरिष्ठ संविदा कर्मी मुकेश डालाकोटी ने बताया कि वर्तमान में कुमाऊं विश्वविद्यालय में संविदा कर्मी वर्ष 2009 से नियमितीकरण का बाट जोह रहे हैं और अब यदि सरकार मात्र 2008 के कार्मिकों को ही नियमित करेगी तो इससे कर्मचारियों को कोई लाभ नहीं मिलेगा। उन्होंने  मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी की घोषणा का उल्लेख हुए बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा दस वर्ष पूर्ण करने वाले संविदा, दैनिक कर्मियों को शीघ्र नियमित करने की घोषणा की थी, जबकि वर्तमान में जबकि उच्च स्तरीय अधिकारियों की समिति ने इससे भिन्न राय दी है। वक्ताओं ने मुख्यमंत्री से नियमितीकरण हेतु कटऑफ को कम से कम वर्ष 2025 यानी दस वर्षों से सेवारत कार्मिकों को नियमित करने की मांग की।

ALSO READ:  अखिल भारतीय नौ सैनिक शिविर में डीएसबी परिसर के कैडेटों का राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन, दो स्वर्ण, एक रजत एवं एक कांस्य पदक पर कब्जा किया,

बैठक में विश्वविद्यालय के आनंद रैखोला, कृष्णा पालीवाल, रमेश तिवाड़ी, भूपेंद्र सिंह बिष्ट, अदिति रौतेला, पूनम आर्या, मनोज पलड़िया, अनीता खोलिया, राजू वाल्मीकि, पुष्कर ढैला, दीपक बिष्ट, त्रिभुवन सुयाल आदि शामिल रहे।

यह प्रस्ताव रखा जाना है कैबिनेट के समक्ष-:

 

 

 

You missed

You cannot copy content of this page