नैनीताल।
न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीएससी) पॉक्सो एक्ट, जनपद नैनीताल के न्यायाधीश सुधीर कुमार तोमर ने एक गंभीर मामले में सुनवाई करते हुए आरोपी की जमानत प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। आरोपी पर अपना नाम और धर्म छुपाकर पीड़िता को धोखे में रखने, शारीरिक संबंध बनाने, जबरन धर्म परिवर्तन के लिए दबाव डालने, मारपीट करने और लाखों रुपये हड़पने के गंभीर आरोप हैं।
क्या है पूरा मामला?
दस्तावेज़ के अनुसार, आरोपी मौ० युनुस उर्फ एम०डी० उर्फ बॉबी (पुत्र तहरीर) ने साल 2020 में पीड़िता से अपना नाम ‘एम०डी०’ बताकर संपर्क बढ़ाया था। जब पीड़िता ने उसका पूरा नाम और पता पूछा, तो उसने यह कहकर बात टाल दी कि वह किसी धर्म पर विश्वास नहीं करता, बल्कि केवल प्रकृति और मानवता को मानता है।
इस बीच, आरोपी ने छल-कपट से पीड़िता के साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। वह लगातार पीड़िता पर अपनी मर्जी थोपने लगा, जैसे—मेकअप न करना, हलाल मांस खाना, ढीले कपड़े पहनना और अपनी धार्मिक रीति-रिवाजों को अपनाने के लिए विवश करना।
₹17 लाख हड़पने और वीडियो वायरल करने की धमकी-:
पीड़िता द्वारा विरोध करने पर उसके साथ शारीरिक हिंसा की गई। आरोपी ने पीड़िता के कई वीडियो भी बना लिए थे, जिन्हें वायरल करने की धमकी देकर और चाकू दिखाकर उसने पीड़िता से ₹17 लाख की भारी धनराशि हड़प ली। बदनामी और पहचान उजागर होने के डर से पीड़िता शुरुआत में चुप रही, लेकिन बाद में उसने समाज के लोगों को आपबीती बताई, जिसके बाद मल्लीताल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे-:
असली नाम का खुलासा: साल 2022 में जब पीड़िता ने शादी और घर पर बात करने का दबाव बनाया, तब जाकर पता चला कि आरोपी का असली नाम मौ० युनुस है।
ब्रेन वॉश करने का प्रयास:
आरोपी लगातार पीड़िता को हिंदू देवी-देवताओं के विरुद्ध उल्टी टिप्पणियां सुनाकर और कुरान आदि का हवाला देकर उसका ‘ब्रेन वॉश’ करने का प्रयास करता था।
कमरे से बरामदगी:
थाना भीमताल पुलिस द्वारा जब आरोपी के कमरे की तलाशी ली गई, तो वहां से 8 चाकू, एक हथकड़ी, एक लैपटॉप, मोबाइल, विजिटिंग कार्ड और लव लेटर बरामद किए गए।
अंतरराष्ट्रीय संपर्क: पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी के ओमान, दुबई, लंदन, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, पाकिस्तान और नेपाल जैसे देशों से संपर्क हैं और वह जिहाद में विश्वास रखता है।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी-:
जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) नैनीताल, श्री सुशील कुमार शर्मा ने आरोपी की जमानत का पुरजोर विरोध किया। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कहा कि आरोपी द्वारा समाज की महिलाओं के विरुद्ध पहचान छुपाकर अपराध करना, धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना, चाकू दिखाकर धमकाना और शारीरिक संबंध बनाना एक अत्यंत गंभीर श्रेणी का अपराध है।
न्यायालय ने आरोपी मौ० युनुस उर्फ एम०डी० के खिलाफ धारा 115, 319, 69 भा०न्या०सं०, 3/5 उत्तराखंड धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम और 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज मामले में उसकी जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया।


