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नैनीताल । उत्तराखंड कांग्रेस के सह-प्रभारी मनोज यादव ने बुधवार को नैनीताल क्लब में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में केंद्र सरकार की नीतियों और देश की शिक्षा व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। उन्होंने देश में परीक्षाओं और नियुक्तियों की बदहाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार जवाबदेही से लगातार बच रही है। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) और पेपर लीक मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने एनटीए (एन टी ए) पर निशाना साधा और उसे ‘नो टेस्ट एजेंसी’ करार दिया। यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में देश के भीतर 152 पेपर लीक हुए हैं, जिससे परीक्षा देने वाले करीब 7.5 करोड़ छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है। उन्होंने जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की तुलना ब्रिटिश काल के दमनकारी कृत्यों से की।
​मनोज यादव ने संसद की कार्यवाही और प्रतिपक्ष की आवाज को दबाने का मुद्दा उठाते हुए मांग की कि सरकार देश के 1.5 करोड़ लोगों को जवाब दे कि नेता प्रतिपक्ष को किस आधार पर हटाया गया और स्टेडियमों को जेल में क्यों तब्दील किया गया। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ अब तक कोई दंडात्मक कार्रवाई न होने पर सवाल उठाए और कहा कि अब शिक्षा मंत्री के साथ-साथ गृह मंत्री अमित शाह को भी अपने पदों से तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। यादव ने आंकड़े साझा करते हुए कहा कि देश में 18 से 29 वर्ष की आयु के 60 करोड़ युवा मौजूद हैं, लेकिन सरकार उनके लिए न तो निष्पक्ष परीक्षाएं आयोजित करा पा रही है और न ही रोजगार के अवसर दे रही है, जिससे युवाओं का पढ़ाई से भरोसा उठता जा रहा है।
​कार्यक्रम के समापन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एक विशाल जुलूस निकाला। यह आक्रोशित भीड़ नैनीताल क्लब से रवाना होकर मल्लीताल बाजार होते हुए मल्लीताल रिक्शा स्टैंड पहुंची, जहां केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सरकार का पुतला दहन किया गया। इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम में प्रदेश सह-प्रभारी मनोज यादव के साथ जिला अध्यक्ष राहुल छिमवाल, पूर्व जिला अध्यक्ष सतीश नैनवाल, पूर्व विधायक रंजीत रावत, पूर्व सांसद डॉक्टर महेंद्र सिंह पाल, नगर अध्यक्ष सचिन नेगी, छात्र महासंघ के अध्यक्ष आशीष कबडवाल, पूर्व नगर अध्यक्ष अनुपम कबडवाल, हिमांशु पांडे, कैलाश अधिकारी, बंटू आर्य, राजेंद्र बिष्ट, शार्दुल नेगी, मीमांसा आर्य, रईस अहमद, मुन्नी तिवारी, गोपाल बिष्ट, ललित जोशी, हरेंद्र बोरा और खष्टी बिष्ट सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मुख्य रूप से शामिल रहे।
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