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नैनीताल  । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अवैध हथियार रखने व सुनील राठी गैंग से कनेक्शन होने के आरोप में गिरफ्तार देहरादून के पारस चौधरी को जमानत दे दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आशीष नैथानी की एकलपीठ में हुई ।
अभियोजन के अनुसार आरोपी के कब्जे से एक अवैध .32 बोर पिस्टल और तीन जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे। पुलिस ने एस टी एफ की कार्रवाई के दौरान पारस चौधरी पर हथियार रखने तथा संगठित अपराध से जुड़े होने का आरोप लगाया था। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपी के मोबाइल फोन में  अपराधी सुनील राठी से एप्पल फेसटाइम के जरिए संपर्क के संकेत मिले हैं।
वहीं बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने 25 फरवरी 2026 की रात आरोपी को अवैध रूप से हिरासत में लिया और गिरफ्तारी के दौरान बॉडी कैमरे एवं रिकॉर्डिंग उपकरण बंद कर दिए गए। बचाव पक्ष ने यह भी तर्क दिया कि कथित बरामदगी स्थल पर कोई स्वतंत्र गवाह नहीं बनाया गया, जिससे पुलिस कार्रवाई संदेह के घेरे में आती है।
अदालत को यह भी बताया गया कि इस मामले के सहआरोपी भानु चौधरी, जिसे उसी वाहन से गिरफ्तार किया गया था और जिसके खिलाफ समान आरोप थे, उसे पहले ही देहरादून की सत्र अदालत से जमानत मिल चुकी है। बचाव पक्ष ने समानता के आधार पर पारस चौधरी को भी जमानत देने की मांग की।
सभी पक्षों की दलीलें सुनने और अभिलेखों का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि सहआरोपी को पहले ही राहत मिल चुकी है और वर्तमान मामले में भी जमानत दिए जाने का आधार बनता है। अदालत ने मामले के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी किए बिना आरोपी पारस चौधरी को निजी मुचलका और दो जमानतदार प्रस्तुत करने की शर्त पर रिहा करने के आदेश दिए।

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