हल्द्वानी ।
उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ (जनपद नैनीताल) के तत्वाधान में जिलेभर के शिक्षकों ने अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में एक विशाल धरना प्रदर्शन किया। शिक्षकों की मुख्य मांग टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) से मुक्ति और पुरानी पेंशन योजना की बहाली है। इस उग्र विरोध प्रदर्शन के बाद सैकड़ों की संख्या में एकत्रित शिक्षकों ने बुद्ध पार्क से लेकर जिलाधिकारी कार्यालय तक एक विशाल जुलूस निकाला और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की।

यह धरना प्रदर्शन पूर्व जिला अध्यक्ष इंदर सिंह रावत की अध्यक्षता और जिला मंत्री बंशीधर कांडपाल के कुशल संचालन में आयोजित किया गया। धरने को संबोधित करते हुए नैनीताल के जिला अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि जब तक इस काले कानून को वापस नहीं लिया जाता, तब तक यह राष्ट्रव्यापी आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ, नई दिल्ली के आह्वान पर आज यह विरोध कार्यक्रम संपूर्ण उत्तराखंड के सभी 13 जनपद मुख्यालयों पर एक साथ आयोजित किया गया है।
आंदोलन के अगले चरण में शिक्षकों का शिष्टमंडल जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा, जहां उन्होंने जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल के माध्यम से देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री (भारत सरकार) और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन लेने के पश्चात जिलाधिकारी ने शिक्षकों की मांगों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि वे इस ज्ञापन को शीघ्र ही भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार को प्रेषित कर देंगे।
इस बड़े आंदोलन और धरना कार्यक्रम को सफल बनाने में जिलेभर के शिक्षकों ने एकजुटता दिखाई। प्रदर्शन में जिला संयोजक नंदराम, कोषाध्यक्ष नवीन चंद, प्रेम कांडपाल, दिनेश मनराल, गोपाल बिष्ट, हीरा बसानी, जगमोहन पडियार, मदन बर्थवाल, मनीता कटारिया, अनुपम बमेटा, हेमंत पांडे, शिवराज सिंह, डिगर सिंह पडियार, अनिल कुमार शर्मा और राजकुमार सहित सैकड़ों की संख्या में प्राथमिक शिक्षकों ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया।


