नैनीताल । श्रमिक संयुक्त मोर्चा उधमसिंह नगर के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह पर गुंडा एक्ट की कार्यवाही के खिलाफ मंगलवार को कई संगठनों ने पुलिस महानिरीक्षक कुमांऊ को ज्ञापन दिया साथ ही कुमाऊं आयुक्त के समक्ष अपना पक्ष रखकर इस कार्यवाही को निरस्त करने की मांग की गर्ई। प्रतिनिधि मंडल ने कहा कि यह मामला बदले की भावना से थोपा गया है।
बताया कि जिन मामलों का संज्ञान लेकर यह मामला बनाया गया है वे 2018 से 2022 तक के ईंटार्क कंपनी पंतनगर के मजदूर आंदोलन के दौरान दर्ज हुई चार एफ आई आर से संबंधित हैं। इनमें से एक निरस्त हो चुका है एक पर उच्च न्यायालय का स्थगन आदेश है। इन सभी में किसी पर भी गुण्डा एक्ट नहीं लागू हो सकता है क्योंकि सभी एफ आई आर मजदूर आंदोलनों से संबंधित हैं। इस पर भी यह सभी मामले 4 से 8 साल पुराने हैं। प्रतिनिधि मंडल ने जबरन थोपे गए इस मामले को तुरंत समाप्त करने की मांग की।
इस प्रतिनिधि मंडल मे श्रमिक संयुक्त मोर्चा अध्यक्ष दिनेश तिवारी,उत्तराखंड लोक वाहिनी के अध्यक्ष राजीव लोचन शाह, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष प्रभात ध्यानी, महासचिव दिनेश चंद्र उपाध्याय, भाकपा (माले )के नैनीताल नगर अध्यक्ष कैलाश चंद्र जोशी, समाजवादी लोक मंच से गिरीश आर्या, श्रमिक संयुक्त मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष दलजीत सिंह, प्रचार मंत्री हरेन्द्र सिंह ,सी.एस.टी. यू.के केंद्रीय महासचिव मुकुल, इंकालबी मजदूर केंद्र के कैलाश भट्ट,पहाड़ संस्था के सदस्य मनमोहन सिंह आदि शामिल थे।


