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​नैनीताल। एक युवती का यौन शोषण व  दुराचार करने के आरोपी भवाली व्यापार मंडल के अध्यक्ष और सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पाण्डे ने जिला एवं सत्र न्यायधीश की अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर की है । किंतु अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील शर्मा ने अग्रिम जमानत याचिका की पोषणीयता पर सवाल उठाए हैं । जिसके बाद जिला एवं सत्र न्यायधीश ने याचिका की पोषणीयता पर सुनवाई के लिए कल (आज) 22 मई की सुबह का समय निर्धारित किया है ।
  नरेश पांडे के खिलाफ मल्लीताल थाने में दुष्कर्म और धमकी देने का मामला दर्ज किया गया है। पीड़िता का आरोप है कि नरेश पाण्डे ने अपनी शादी और दो बच्चों की बात छुपाकर उसके साथ करीब पौने चार साल तक जबरन संबंध बनाए और शादी का झांसा दिया। शिकायत के अनुसार, पीड़िता जब नाबालिग 17 वर्ष की थी, तभी से आरोपी उसे बहला-फुसलाकर हल्द्वानी के एक होटल में ले जाता रहा। इस दौरान गर्भवती होने पर आरोपी ने दबाव बनाकर उसका गर्भपात भी करवा दिया था। पुलिस ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 69 और 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
दूसरी ओर, आरोपी नरेश पाण्डे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे एक सोची-समझी राजनैतिक साजिश करार दिया है। जिला एवं सत्र न्यायालय नैनीताल में अपने अधिवक्ता के माध्यम से दायर अग्रिम जमानत याचिका में आरोपी ने तर्क दिया है कि वह भवाली व्यापार मंडल का अध्यक्ष है और पिछले 7 वर्षों से गरीब परिवारों व बच्चों की लगातार सामाजिक मदद कर रहा है। समाज में बढ़ती इसी लोकप्रियता और आगामी चुनाव लड़ने की संभावना के कारण उसके कुछ राजनैतिक प्रतिद्वंद्वियों ने दबाव बनाकर यह झूठा मुकदमा दर्ज करवाया है ताकि उसकी छवि को धूमिल किया जा सके।
जमानत याचिका में पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका के अनुसार, 19 मई 2026 की सुबह पुलिस आरोपी को उसके घर से जबरन उठाकर थाने ले गई और रातभर करीब 18-20 घंटे तक अवैध कस्टडी में रखकर पूछताछ की, जिसके बाद उसे अगली सुबह छोड़ा गया। इस दौरान पुलिस ने उसके दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं। आरोपी पक्ष का दावा है कि पीड़िता ने खुद 16 मई 2026 को मल्लीताल थाने में एक दूसरा पत्र देकर और सोशल मीडिया पर बयान जारी कर यह स्वीकार किया था कि उसने पूर्व की रिपोर्ट कुछ लोगों के दबाव और धमकी में आकर दर्ज कराई थी।
आरोपी के अधिवक्ता संजय सुयाल  ने कोर्ट से अग्रिम जमानत की गुहार लगाते हुए कहा है कि नरेश पाण्डे का कोई पुराना आपराधिक इतिहास नहीं है और वह समाज का एक प्रतिष्ठित व्यक्ति है। वह पुलिस की विवेचना में पूरा सहयोग कर रहा है और कोर्ट द्वारा तय की जाने वाली सभी शर्तों का पालन करने को तैयार है।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश नैनीताल ने अग्रिम जमानत प्रार्थना पत्र के पोषणीय बिंदु पर सुनवाई के लिए कल यानी 22 मई 2026 को सुबह 10:30 बजे का समय तय किया है, जहां सरकारी वकील और बचाव पक्ष के बीच जिरह होगी।
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