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भवाली। नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड संख्या 6, कहलकवीरा-श्यामखेत में पेयजल के सफल संचालन के लिए विभिन्न स्थानों पर बनाए गए टैंक विभागीय उपेक्षा के चलते बदहाली का शिकार हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि निर्माण के बाद से आज तक संबंधित विभाग द्वारा इन टैंकों की सफाई नहीं कराई गई है।
   स्थानीय निवासी व सेवानिवृत्त इंजीनियर डी.एस. नेगी ने बताया कि वे लंबे समय से अपने स्तर पर मजदूर लगवाकर दो पेयजल टैंकों की सफाई करवाते आ रहे थे, जिसमें एक 1 के.एल. क्षमता का टैंक उनकी निजी भूमि पर निर्मित है। लेकिन स्वास्थ्य कारणों व अपरिहार्य परिस्थितियों वश पिछले लगभग तीन वर्षों से वे भी इन टैंकों की सफाई नहीं करवा सके हैं। इस गंभीर समस्या के संबंध में क्षेत्र के वार्ड सदस्य संजय जोशी और भवाली नगरपालिका के चेयरमैन पंकज आर्या को भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, परंतु आज तक कोई सकारात्मक कार्रवाई धरातल पर नजर नहीं आई है।
​वर्तमान में बरसात का मौसम होने के कारण स्थिति और अधिक खराब हुई है। टैंकों की सफाई न होने से घरों में आने वाले पानी में अत्यधिक गंदगी, कीचड़ और छोटे कीड़े आ रहे हैं, जिससे दूषित पानी के सेवन से महामारी और अनेकों जल जनित बीमारियां फैलने की तीव्र आशंका बनी हुई है। स्थानीय जनता का कहना है कि जल संस्थान के संबंधित जूनियर इंजीनियर (जे.ई.) को भी विगत मई माह में इस समस्या से रूबरू कराया गया था, लेकिन विभाग की ओर से केवल आश्वासन ही मिले। टैंकों की सफाई न होने से अब क्षेत्रीय जनता में विभाग और प्रशासन के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। स्थानीय नागरिकों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि भविष्य में दूषित पेयजल के कारण क्षेत्र में कोई भी बीमारी या महामारी फैलती है, तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी जल संस्थान विभाग और भवाली नगरपालिका प्रशासन की होगी।

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