नैनीताल: उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा 09 मई, 2026 को पूरे प्रदेश में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। वरिष्ठ न्यायमूर्ति श्री मनोज कुमार तिवारी (कार्यपालक अध्यक्ष, यू.के.एस.एल.एस.ए.) के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम के तहत उत्तराखंड उच्च न्यायालय सहित राज्य के सभी 13 जनपदों के न्यायालयों, पारिवारिक न्यायालयों और उपभोक्ता अदालतों में कुल 132 खंडपीठों का गठन किया गया।
उच्च न्यायालय नैनीताल में न्यायमूर्ति सिद्धार्थ साह की खंडपीठ द्वारा 16 महत्वपूर्ण मामलों का निस्तारण किया गया, जिससे लंबे समय से लंबित कानूनी विवादों को त्वरित समाधान मिला।
करोड़ों रुपये की समझौता राशि पर बनी सहमति: प्राधिकरण के सदस्य-सचिव प्रदीप मणि त्रिपाठी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस लोक अदालत में न्याय की गति बेहद प्रभावशाली रही। कुल 17,867 मामलों को सुनवाई के लिए नियत किया गया था, जिनमें से 17,865 मामलों का सफलतापूर्वक निस्तारण कर दिया गया। इन विवादों के समाधान के माध्यम से कुल 45,87,04,589 रुपये (पैंतालीस करोड़ सतासी लाख चार हजार पांच सौ निवासी रुपये) की समझौता धनराशि तय की गई। विशेष रूप से देहरादून, उधम सिंह नगर और हरिद्वार जैसे जिलों में बड़ी संख्या में वादों का निपटारा हुआ।
विभिन्न श्रेणियों में मिली राहत: लोक अदालत के दौरान न केवल न्यायालयों में लंबित मामले, बल्कि ‘प्री-लिटिगेशन’ (मुकदमा शुरू होने से पहले के मामले) स्तर पर भी भारी सफलता मिली। आंकड़ों के मुताबिक, 3970 प्री-लिटिगेशन मामलों का निपटारा किया गया, जिनकी कुल समझौता राशि लगभग 8.79 करोड़ रुपये रही। इसके अलावा, उपभोक्ता न्यायालयों और देहरादून स्थित वाणिज्यिक न्यायालयों में भी लंबित प्रकरणों को सुलझाया गया।


