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नैनीताल । हाईकोर्ट ने उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का पेपर लीक करने के मुख्य आरोपी व मास्टर माइंड  हाकम सिंह रावत की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए  एसआईटी और राज्य सरकार से तीन सप्ताह में जवाब पेश करने को कहा है। एकलपीठ ने मामले की अगली सुनवाई हेतु तीन सप्ताह बाद की तिथि नियत की है। मामले की सुनवाई अवकाशकालीन जज न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ में हुई ।                        मामले के अनुसार उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने प्रदेश के विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर बीपीडीओ की परीक्षा करवाई थी। जिसका पेपर मुख्य आरोपी  हाकम सिंह रावत व कई अन्य आरोपियों के द्वारा उत्तराखण्ड के साथ साथ यूपी के कई जिलों में  लीक करवाया गया था । एक शिकायत के आधार पर एसआईटी ने देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया । जिसमे हाकम सिंह का नाम भी सामने आया। एसआईटी की जाँच में उनके खिलाफ पेपर लीक के कई कई सबूत मिले। उन्हीं सबूतों के आधार पर एसआईटी ने उन्हें  14 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया।  तब से वे जेल में बन्द है। निचली अदालत ने उन्हें 31 जनवरी 2023 को  एक मामले में एसआईटी द्वारा सबूत पेश न करने पर जमानत दे दी है। जबकि अन्य आरोपों में नहीं दी। जमानत याचिका में कहा गया है कि एसआईटी अभी तक उनके खिलाफ निचली अदालत में कोई सबूत पेश नहीं कर पाई है जिसकी वजह से उनको एक मामले में जमानत मिल चुकी है उसी के आधार पर उन्हें अन्य मामलों में भी जमानत दी जाय। एसआईटी के पास उनके खिलाफ कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं है न ही उन्होंने अभी तक कोई ठोस साक्ष्य कोर्ट में प्रस्तुत किए हैं। उनके खिलाफ जो आरोप लगाए गए हैं वे सब राजनैतिक दुर्भावना से लगाये गए हैं। जबकि वे ग्राम प्रधान व जिला पंचायत सदस्य भी रह चुके हैं। इसी मामले में निचली अदालत ने कई आरोपियों सबूतों के अभाव में जमानत  दे चुकी है। इसका लाभ उन्हें भी दिया जाय।

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