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नैनीताल  । उत्तराखंड के शहरी विकास निदेशालय ने राज्य के स्थानीय नगर निकायों (नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायत) में कार्यरत अकेंद्रीयकृत सेवा के समूह ‘ग’ कर्मचारियों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है।
निदेशालय के संयुक्त निदेशक अवधेश कुमार सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, निकायों में कार्यरत ऐसे कर्मचारियों को पालिका केंद्रीयकृत सेवा संवर्ग में आने के लिए एक बार फिर से विकल्प पत्र भरने का मौका दिया गया है। निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों द्वारा दिया गया यह विकल्प अंतिम होगा और इसके बाद इस पर कोई बदलाव या विचार नहीं किया जाएगा।
​इस निर्णय के पीछे का मुख्य कारण यह है कि साल 2017 की नियमावली के बाद लोक सेवा आयोग और अधीनस्थ सेवा चयन आयोग  के माध्यम से कनिष्ठ सहायक सह डाटा एंट्री ऑपरेटर, कर संग्रहकर्ता, लेखा लिपिक, पर्यावरण पर्यवेक्षक और मानचित्रकार जैसे पदों पर बड़ी संख्या में नियुक्तियां हुई हैं। चूंकि वर्तमान में अकेंद्रीयकृत सेवा के अंतर्गत इन कर्मचारियों के लिए पदोन्नति के पद सृजित नहीं हैं, इसलिए उनके करियर और हितों को ध्यान में रखते हुए निदेशक ने यह कदम उठाया है। इस व्यवस्था से इन कर्मचारियों के लिए केंद्रीयकृत सेवा में पदोन्नति के रिक्त पदों को भरने का रास्ता साफ हो जाएगा।
​आदेश के मुताबिक, जो भी कर्मचारी उत्तराखंड स्थानीय नगर निकाय (केन्द्रीयित) कर्मचारी सेवा नियमावली के तहत वरिष्ठ सहायक, कर एवं राजस्व निरीक्षक, सहायक लेखाकार, सफाई निरीक्षक और अवर अभियंता के पदों पर पदोन्नति पाने के इच्छुक हैं, उन्हें निर्धारित प्रारूप में अपना विकल्प पत्र भरना होगा। समस्त नगर आयुक्तों और अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने अधीनस्थ कार्यरत योग्य कर्मचारियों से विकल्प पत्र भरवाकर, उनके अभिलेखों की जांच करने के बाद विशेष पत्रवाहक के माध्यम से 15 जुलाई 2026 तक अनिवार्य रूप से निदेशालय को भेजना सुनिश्चित करें। अंतिम तिथि के बाद मिलने वाले किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
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