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नैनीताल । श्रीराम सेवक सभा द्वारा आयोजित श्रीमद् देवी भागवत महापुराण के चौथे दिन   माता कुष्मांडा का वर्णन  किया जो अज्ञान को नष्ट करने वाली और ब्रह्मांड को अपने में समाहित करने वाली देवी हैं।
  व्यास देवेश शास्त्री ने कहा कि
इस दिन भक्त माता के चरणों में प्रणाम  करते हैं तथा मां के प्रति भक्ति करने का महत्व बताया जाता है।  कहा कि कुष्मांडा
 माता का अर्थ है कि वह अपने भक्तों पर दृष्टि  रखते हुए उनकी रक्षा करती हैं।
व्यास जी ने अश्वमेध यज्ञ के प्रसंग का भी वर्णन भी किया ।
 आज यजमान विजय साह
 सपत्नीक शामिल हुए ।
।इस अवसर पर मनोज साह, जगदीश बावड़ी, अशोक साह, मुकेश जोशी, राजेंद्र लाल साह, देवेंद्र लाल साह, हीरा सिंह, कैलाश बोरा,  मिथिलेश पांडे, आनंद बिष्ट, हरीश पंत, राजेंद्र बिष्ट,बिमल साह, बिमल चौधरी,भुवन बिष्ट, मुन्नी भट्ट, सभासद लता दफौटी, मोहित लाल साह, सुमन साह, भावना,वंदना पांडे, केदार सिंह राठौर,खुशहाल कार्की, मंजू कांडपाल, आनंद बिष्ट, हरीश राणा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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