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नैनीताल । उत्तराखण्ड हाईकोर्ट ने राज्य के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड के दूसरे आरोपी सौरभ भास्कर की जमानत प्रार्थना पत्र पर सुनवाई की।

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति रविन्द्र मैठाणी की एकलपीठ ने अभियुक्तत सौरभ भास्कर की जमानत प्रार्थनापत्र को खारीज कर दी है।  सुनवाई  के दौरान राज्य सरकार व पीड़िता की ओर से कहा कि यह एक संगीन अपराध है। अभी तक निचली अदालत में जितनी भी गवाही हुई हैं, उनके बयानों में भी इसकी पुष्टि हुई है कि घटना के समय इन अभियुक्तों की मौजूदगी घटनानस्थल पर थी।

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इन्होंने जबदस्ती उसे वीआईपी सेवा देने के लिए बार बार दवाब डाला। फोरेंसिक जांच में भी इनकी लोकेशन वहाँ पाई गई। यही नही मृतका ने अपने व्हाट्सएप चैट में भी इसका जिक्र किया है। सुनवाई पर मृतका के परिवार की तरफ से कहा गया कि इनके द्वारा सबूतों को छुपाने के लिए रिसॉर्ट में तोड़फोड़ की। रिसॉर्ट के सीसीटीवी कैमरे बंद करा दिए गए और डीवीआर से भी छेड़ाखानी की है।

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मामले के अनुसार पौड़ी जिले के डोभ श्रीकोट की अंकिता भंडारी वनंत्रा रिसोर्ट ऋषिकेश में नौकरी करती थी । जिसकी हत्या आरोपी रिसोर्ट स्वामी पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित ने चीला बैराज में धक्का देकर की थी। मामले की छानबीन के बाद तीनों आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तब से अभियुक्त जेल में बंद है।

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