नैनीताल । विभिन्न सरकारी कार्यालयों को नैनीताल से अन्य स्थानों पर स्थानांतरित किए जाने की चर्चाओं और निर्णयों के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ता अरविंद सिंह पडियार ने कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर नैनीताल से किसी भी सरकारी कार्यालय को अन्यत्र स्थानांतरित न करने और वर्तमान कार्यालयों को यथावत बनाए रखने की मांग की है।
ज्ञापन में इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि पिछले कुछ समय से कार्यालयों को हटाने की चर्चाओं के चलते स्थानीय नागरिकों में भारी असमंजस और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
पत्र के माध्यम से कहा गया है कि नैनीताल जनपद उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी होने के साथ-साथ प्रदेश का एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक, शैक्षणिक और पर्यटन केंद्र है। यदि यहां से सरकारी दफ्तरों को शिफ्ट किया जाता है, तो इससे न केवल आम जनता को प्रशासनिक सेवाओं के लिए अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा, बल्कि शहर की आर्थिकी, व्यापार, रोजगार और सामाजिक गतिविधियों पर भी बेहद प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अनेक छोटे व्यापारी, होटल व्यवसायी, परिवहन सेवा प्रदाता और आम लोग इन कार्यालयों से जुड़े प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष आर्थिक कार्यों पर निर्भर हैं। जनभावनाओं का सम्मान करते हुए जनहित में नैनीताल के ऐतिहासिक, प्रशासनिक और सांस्कृतिक महत्व को बनाए रखने के लिए इस स्थानांतरण पर तुरंत रोक लगाने का अनुरोध किया गया है। इस मौके पर भाजपा नेता संतोष कुमार भी शामिल थे ।


