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नैनीताल । उत्तराखंड हाई कोर्ट ने विकास खण्ड रामगढ़ के लोशज्ञानी गांव में बिना अनुमति के  सावर्जनिक भूमि पर रोड का निर्माण करने, जेसीबी चलाने और सरकारी सम्पति तथा संरक्षित पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के मामले में कांग्रेस नेता लाखन सिंह नेगी की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है ।
  लाखन नेगी के खिलाफ भवाली थाने में इस संबंध में मुकदमा दर्ज दर्ज है । जिसे निरस्त करने और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाए जाने की मांग को लेकर वे हाईकोर्ट पहुंचे थे। मामले की सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति आलोक महरा की एकलपीठ ने उनकी गरफ्तारी पर रोक लगाते हुए सरकार से जवाब पेश करने को कहा है । साथ मे कोर्ट ने लाखन सिंह नेगी से जांच में सहयोग करने को कहा है।
मामले के अनुसार  लोशज्ञानी गांव लंबे समय से सड़क सुविधा की मांग कर रहे है और हाल के दिनों में ग्रामीणों ने श्रमदान एवं जनसहयोग से सड़क निर्माण का प्रयास भी किया था। जिससे प्रशासन द्वारा बीते दिनों रोक दिया गया ।
सरकार व प्रशासन ने दशकों से सड़क की माँग नही सुना तो यहाँ  के लगभग 250 ग्रामीणों ने एकजुट होकर खुद श्रमदान से
तोक काफलधारी से लोश्ज्ञानी मंदिर तक
सड़क बनाने का जिम्मेदारी उठाई। जहां लाखन नेगी ने जेसीबी भेजी   जब सड़क निर्माण का कार्य चल रहा था तब प्रशासन ने उसे रोक दिया कहा कि यह सड़क स्वीकृत नहीं है और राजस्व विभाग द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया ।

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