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नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड उपनल संविदा कर्मचारी संघ व वन विभाग में वर्षो से कार्यरत दैनिक श्रमिको को अभी तक कोर्ट का आदेश होने के बाद भी नियमित  नहीं करने के खिलाफ दायर अवमानना याचिकाओं पर सुनवाई सोमवार को न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकलपीठ में हुई।
मामले में आज कोर्ट के आदेश पर सचिव कार्मिक शैलेश बगौली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए थे।
 कोर्ट ने पूर्व के आदेश का अवलोकन  किया और उनको सुझाव देकर कहा  कि  सचिव कार्मिक,  सचिव वित्त और मुख्य सचिव आपस में बैठकर यह निर्णय लें कि जो वर्तमान नियमावली है उसके आधार पर इनको कैसे नियमित किया  सकता है। साथ में कोर्ट ने इन्हें न्यूनतम वेतमान दिए जाने के बारे में भी सोचने को कहा है।
 कोर्ट ने इस संबंध में 8 मई तक जवाब पेश करने को कहा है ।  सुनवाई पर सरकार की तरफ से कहा गया कि उपनल से लगे कर्मचारियों को नियमित करने का कोई प्रावधान नहीं है।
 आज संविदा कर्मचारी संघ के अधिवक्ताओं ने कोर्ट के समक्ष उनका पक्ष रखते  हुए कहा कि पूर्व में कोर्ट की खंडपीठ ने उपनल कर्मचारियों के नियमितीकरण के सम्बंध में एक आदेश जारी किया था । लेकिन इस आदेश पर अब तक  राज्य सरकार की तरफ से कोई निर्णय नहीं लिया गया। न ही इसे उच्च न्यायलय के रिकॉर्ड में  लाया गया है ।
  पूर्व में  संघ की ओर से पेश हुए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता ने इस अवमानना याचिका पर (उत्तराखंड उपनल कर्मचारी संघ बनाम आनन्द बर्धन,मुख्य सचिव उत्तराखंड) की प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई की मांग की गयी थी।

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