पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी
पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी लागू करने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत प्रत्येक जिले में 10 गांवों को लक्ष्य के रूप में लिया जाएगा और 75 प्रतिशत ग्रामीणों की सहमति अनिवार्य होगी। पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी तथा आपत्तियों का निस्तारण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
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प्रशासनिक सेवा नियमावली में संशोधन
प्रशासनिक सुधारों के तहत राजस्व परिषद समीक्षा अधिकारी सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब कंप्यूटर ज्ञान के साथ 8000 की टाइपिंग स्पीड, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस और विंडोज का ज्ञान भी आवश्यक होगा। साथ ही सगंध पौध केंद्र का नाम बदलकर परफ्यूमरी अनुसंधान संस्थान किया जाएगा।
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चिकित्सा शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार
स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में कई अहम निर्णय लिए गए हैं। चिकित्सा शिक्षा निदेशालय के ढांचे का पुनर्गठन करते हुए पदों की संख्या 29 से बढ़ाकर 40 कर दी गई है। मेडिकल कॉलेजों में संविदा नियुक्तियों की प्रक्रिया में बदलाव करते हुए अब नियुक्तियां सचिव स्तर से की जाएंगी। श्रीनगर मेडिकल कॉलेज के 277 कार्मिकों को समान कार्य समान वेतन का लाभ देने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा लैब टेक्नीशियन संवर्ग का पुनर्गठन करते हुए 266 मेडिकल लैब टेक्निकल ऑफिसर के पद निर्धारित किए गए हैं।
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नए पदों का सृजन
बैठक में सुप्रीम कोर्ट नई दिल्ली से संबंधित मामलों के लिए दो नए पद सृजित करने और फॉरेंसिक साइंस में 15 पदों की स्वीकृति भी दी गई। महिला स्पोर्ट्स कॉलेज लोहाघाट के लिए 16 पदों को मंजूरी प्रदान की गई।
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ऊर्जा और जल विद्युत परियोजनाएं
ऊर्जा क्षेत्र में लघु जल विद्युत परियोजना नीति में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके तहत डेवलपर की परफॉर्मेंस सिक्योरिटी समाप्त की जाएगी। परियोजनाओं के लिए पहले प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार होगी और वन स्वीकृति मिलने के बाद समय-सीमा निर्धारित की जाएगी।
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शिक्षा, पंचायत और अल्पसंख्यक नियमावली
शिक्षा और पंचायत स्तर पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत नई शैक्षिक नियमावली को मंजूरी दी गई है, जिसमें मान्यता आवेदन, नवीनीकरण और समाप्ति के नियम तय किए गए हैं। पंचायतों को निर्माण कार्यों के लिए दी जाने वाली राशि 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख कर दी गई है।
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पर्यटन और सेवा क्षेत्र में संशोधन
पर्यटन और सेवा क्षेत्र से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली में बदलाव किया गया है। अब होम स्टे में छह के बजाय आठ कमरे तक की अनुमति होगी और संचालक का वहां रहना अनिवार्य होगा। नवीनीकरण प्रक्रिया स्वतः लागू होगी।
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अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
इसके अलावा विधानसभा सत्र के सत्रावसान को मंजूरी दी गई तथा उत्तराखंड राज्य चकबंदी कर्मियों की सेवा नियमावली 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
यूपीसीएल, यूजेवीएनएल और पिटकुल में पहले निदेशक के चयन की नियमावली बनी थी। जिसमें निदेशक मंडल में नियुक्त शब्द हटाया गया है। अब बाहर का व्यक्ति भी निदेशक बन सकेगा।
ईवी पॉलिसी और सरकारी वाहनों में बड़ा बदलाव
राज्य सरकार जल्द ही प्रभावी इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) पॉलिसी लागू करेगी। इसके तहत नए सरकारी वाहनों की खरीद में 50 प्रतिशत वाहनों को अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रिक वाहन (EV) रखा जाएगा। साथ ही राज्य में EV चार्जिंग स्टेशन और नेटवर्क का तेजी से विस्तार किया जाएगा, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया जा सके और ईंधन पर निर्भरता कम की जा सके।
स्वच्छ ऊर्जा और नवीकरणीय स्रोतों को बढ़ावा
राज्य में PNG (पाइप्ड नेचुरल गैस) कनेक्शनों के विस्तार को मिशन मोड में आगे बढ़ाया जाएगा। होटल, रेस्टोरेंट और सरकारी आवासों में PNG उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके साथ ही PM Surya Ghar योजना के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा दिया जाएगा और गोबर गैस परियोजनाओं को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। राज्य में ऊर्जा और पावर प्रोजेक्ट्स की स्वीकृति प्रक्रिया को तेज करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (HPC) को 60 दिन के भीतर निर्णय लेने का लक्ष्य दिया गया है।
एक अधिकारी, एक वाहन नीति
सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता और ईंधन बचत को बढ़ावा देने के लिए “एक अधिकारी, एक वाहन” नीति लागू की जाएगी। इसके तहत अधिकारियों को अनावश्यक वाहनों के उपयोग से रोका जाएगा और सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा।


