नैनीताल। नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन ने बैंक प्रबंधन द्वारा हाल ही में किए गए कर्मचारियों के तबादलों और अन्य लंबित मांगों को लेकर गहरा रोष व्यक्त किया है। एन बी ए, से जुड़े 125 कर्मचारी सोमवार की सुबह बैंक मुख्यालय पहुंचे जहां उन्हें बैंक प्रबंधन को लंबित मांगों के निराकरण संबंधी ज्ञापन देना था,किंतु प्रबंधन द्वारा बैंक के मुख्य गेट पर ताला लगा दिया गया और वहां पहुंचे एसोसिएशन के पदाधिकारियों व अन्य से ज्ञापन नहीं लिया गया ।
जिससे क्षुब्ध कर्मचारी बैंक के मुख्य गेट के सामने धरने में बैठ गए और उन्होंने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर प्रबंधन पर तानाशाहीपूर्ण व्यवहार करने के आरोप लगाए । कहा कि प्रबंधन जानबूझकर बैंक में अशांति का माहौल बनाने की साजिश कर रहा है ।
सोमवार की सुबह नैनीताल बैंक की अनेक ब्रांचों से कर्मचारी नैनीताल पहुंचे । लेकिन इन कर्मचारियों के मुख्य गेट पर पहुंचने से पहले ही प्रबंधन द्वारा गेट में ताला लगवा दिया गया । आरोप है कि प्रबंधन ने नैनीताल बैंक स्टाफ एसोसिएशन को संदेश भेजा कि वे अपना ज्ञापन गेट में दे जाएं । जिससे ये कर्मचारी आक्रोशित हो गए और वे मुख्य गेट पर धरने में बैठ गए । इस दौरान कर्मचारियों ने बैंक प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की ।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अक्षय गुप्ता ने बैंक के मुख्य कार्यालय (एच आर एम) पर द्वेषपूर्ण कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। कहा कि “तैनाती” के नाम पर वरिष्ठ और निष्ठावान कर्मचारियों का स्थानांतरण करना द्विपक्षीय समझौतों और आरबीआई के दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन है।

स्टाफ एसोसिएशन के प्रवीण साह के अनुसार, प्रबंधन के साथ पूर्व में हुई वार्ताओं में यह सहमति बनी थी कि कर्मचारियों की तैनाती में नियमों की पवित्रता बनाए रखी जाएगी। इसके अलावा स्पेशल असिस्टेंट्स की पोस्टिंग, हेड कैशियरों का स्थायी पदनाम और पीटीएस के उत्थान जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं।
आरोप लगाया कि प्रबंधन इन मांगों को पूरा करने के बजाय संघ के पदाधिकारियों और सक्रिय कार्यकर्ताओं को निशाना बनाकर उनका उत्पीड़न कर रहा है।
एसोसिएशन के महासचिव प्रवीण साह ने पत्र के माध्यम से चेतावनी दी है कि यदि संघ के पदाधिकारियों के खिलाफ की गई दंडात्मक कार्रवाइयों और तबादलों को तत्काल वापस नहीं लिया गया, तो इससे बैंक के भीतर औद्योगिक अशांति पैदा हो सकती है। यूनियन ने प्रबंधन के एकतरफा निर्णयों का कड़ा विरोध करते हुए मांग की है कि सभी मुद्दों को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि बैंकिंग उद्योग में शांति और सामंजस्य बना रहे।
इस प्रदर्शन में उपाध्यक्ष मुकेश पंत,निर्मल जोशी,रजत साह,मोहन बिष्ट,अनिल रावत,जे पी सुयाल,दीक्षा घिल्डियाल,पूजा विरमानी,नीता,मनीष धस्माना,हर्ष,कृष्ण कुमार,विजय,संतोष नेगी,रविन्द्र नेगी,के एम तिवारी,सुनील रौतेला सहित सवा सौ से अधिक कर्मचारी शामिल थे ।
इधर अपरान्ह बाद बैंक के एच आर हेड हेमंत खुलवे,सुरक्षा अधिकारी प्रदीप सिन्हा आदि ने बैंक स्टाफ एसोसिएशन के अध्यक्ष अभय गुप्ता,महासचिव प्रवीण साह, असिस्टेंट महासचिव मोहन सिंह बिष्ट को ज्ञापन देने के लिए अपने कार्यालय बुलाया । इस दौरान एसोसिएशन ने पुनः चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें 15 दिन के भीतर नहीं मानी गई तो वे आंदोलन को विवश होंगे ।


