खबर शेयर करें 👉

नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने हल्द्वानी में भू माफियाओं  द्वारा रेलवे, नजूल भूमि सहित वन भूमि को खुर्द बुर्द कर दस व सौ रुपये के स्टाम्प में बेचे जाने के मामले पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की तरफ से जांच रिपोर्ट पेश कर कहा है कि उनके द्वारा 8 से 10 लोगों के खिलाफ कार्यवाही की गई है। मामले की सुनवाई के बाद कोर्ट ने राज्य सरकार से मामले में 9 अप्रैल तक प्रति शपथ पत्र दाखिल करने को कहा है। मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 9 अप्रैल की तिथि नियत की है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश रितु बाहरी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खण्डपीठ में हुई ।

ALSO READ:  नैनीताल जिला विकास प्राधिकरण के सचिव व जी एम कुमाऊं मंडल विकास निगम बदले गए ।

मामले के अनुसार हल्द्वानी निवासी हितेश पांडे ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि हल्द्वानी के गफूर बस्ती में रेलवे की भूमि, गौलापार गोजाजाली स्थित वन विभाग व राजस्व की भूमि को भू माफियाओं के द्वारा सौ और पाँच सौ के स्टाम्प पर बेच दिया गया है। जिन लोगो को यह भूमि बेची गयी वे लोग उत्तराखंड के स्थायी निवासी नही है। ये लोग रोजगार के लिए यहाँ आये थे। कुछ ही समय बाद सीएससी सेंटर में इनके वोटर आईडी तक बन गए । जब इसकी शिकायत प्रसाशन, मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई तो याचिकाकर्ता को जान माल की धमकी तक भू माफियाओं के द्वारा दी गयी। जनहित याचिका में कहा गया कि ये लोग उत्तराखंड के स्थायी निवासी नही हैं। राज्य सरकार इन लोगों पर लाइट, पानी ,स्कूल व अस्पताल के लिए करोड़ो रूपये खर्च कर रही है। जिसका भार स्थानीय लोगों पर पड़ रहा है।

ALSO READ:  नैनीताल पुलिस लाइन में तैनात मुख्य आरक्षी चालक टेक चंद का आकस्मिक निधन, नैनीताल पुलिस महकमे में शोक की लहर ।

 

जिसकी वजह से स्थानीय लोग  सरकार की योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। जनहित याचिका में कोर्ट से प्रार्थना की गई है कि इस मामले की जाँच उच्च स्तरीय कमेटी से की जाय। इनके सभी दस्तावेजों की जाँच की जाय।

You missed

You cannot copy content of this page