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नैनीताल जिले के ओखलकांडा ब्लॉक के दूरस्थ  नरतोला गांव के सरस्वती शिशु मंदिर के पूर्व छात्र डॉ सुरेंद्र विक्रम सिंह पडियार को मंगलवार 5 सितंबर को
इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्गेनाइज्ड रिसर्च (I2OR) द्वारा स्थापित सबसे प्रतिष्ठित अवार्ड में से एक अंतर्राष्ट्रीय विशिष्ट युवा अचीवर पुरस्कार 2023 से सम्मानित किया गया, उन्हे ये अवार्ड उनके द्वारा किए गए शोध कार्य के लिए गया । इस मेगा इवेंट का आयोजन इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ऑर्गनाइज्ड रिसर्च (I2OR), भारत द्वारा सेंटर फॉर स्मार्ट मॉडर्न कंस्ट्रक्शन – वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी (ऑस्ट्रेलिया), ग्रीन थिंकरजेड (भारत), द इंटेलिजेंट इंडियन (भारत), वेकलेट (यूके) के सहयोग से किया गया।

मोतीराम बाबूराम राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय हल्द्वानी से गणित विषय में एमएससी करने के उपरांत गणित जैसे विषय में 5 बार नेट परीक्षा जेआरएफ के साथ उत्तीर्ण की जिस में डॉ सुरेंद्र की अखिल भारतीय रैंक 55,39,22,18 और 67 थी और अपना शोध कार्य प्रोफ़ेसर नवीन भगत प्राचार्य राजकीय महाविद्यालय कोटाबाग के मार्गदर्शन में पूरा किया ।

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पीएचडी के कार्य में डॉ सुरेंद्र ने इन्वेंटरी मैनेजमेंट के तहत वर्तमान समय की समस्या जैसे कार्बन उत्सर्जन, भंडार हेतु गोदामों की कमी और आपदा और अन्य विषम परिस्थितियों में इन्वेंटरी को उपभोक्ता तक पहुंचाया जा सके इस हेतु नए नए मॉडल तैयार किए और 35 से अधिक शोध पत्र विश्व के प्रतिष्ठित शोध जनरल में प्रकाशित किए और वर्तमान में डॉक्टर सुरेंद्र पडियार रुद्रपुर कॉलेज में गणित विभाग में कार्यरत होने के साथ पिछले कई वर्षो से गरीब छात्र छात्राओं को स्नातक स्तर पर गणित की निशुल्क कोचिंग क्लासेस पढ़ाते है ।

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इस से पूर्व भी चंपावत, जोशीमठ, कर्णप्रयाग, एमबीपीजी कॉलेज हल्द्वानी ,गौलापार कॉलेज, बाजपुर कॉलेज में अध्यापन का कार्य कर चुके है, डॉक्टर सुरेंद्र वर्तमान में कुछ शोध जर्नल में एसोसिएट एडिटर और शोध रिव्यू वर के रूप में भी कार्यरत है साथ कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में अपना शोध पत्र प्रस्तुत कर चुके है, इस से पूर्व भी डॉक्टर सुरेंद्र को यंग साइंटिस्ट अवार्ड, बेस्ट रिसर्च स्क्लॉर अवार्ड , बेस्ट रिसर्च अवार्ड और अंतर्राष्ट्रीय यंग साइंटिस्ट अवार्ड से नवाजा जा चुका है, उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता पिता और गुरु प्रो. नवीन भगत और शोध कार्य में सहयोग कर रहे मित्रो को दिया

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