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नैनीताल। हाईकोर्ट ने  दक्षिण काशीपुर सहकारी समिति मिनी बैंक में 3 करोड़ का गबन किए जाने के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद निर्णय सुरक्षित रख लिया है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा एवं न्यायमूर्ति एनएस धानिक की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार अकरम अली ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि काशीपुर में महुखेडा गंज में दक्षिणी काशीपुर सहकारी समिति लिमिटेड का मिनी बैंक था जो कि जिला कापरेटिव बैंक रूद्रपुर के अधीन था। जिसके तत्कालीन मैनेजर ने  रईस अहमद ने ग्राहकों से प्राप्त जमाराशि को बैंक में जमा न कर उसका गबन किया । यह राशि  तीन करोड के लगभग है । जिसकी जांच में 1.56करोड़ व दोबारा 2014 में हुई जांच में 1.30 के और घपले की पुष्टि हुई । सहकारी समिति के तत्कालीन प्रबन्ध निदेशक ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया । लेकिन यह मुकदमा भ्रष्टाचार की धाराओं में दर्ज न कर सामान्य धाराओं में दर्ज हुआ और आरोपी की धमकी के बाद विभाग ने रिपोर्ट वापस ले ली । लेकिन वर्तमान सहकारी समिति के एम डी ने पुनः पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई और मामला काशीपुर न्यायालय में विचाराधीन है साथ ही आरोपी न्यायिक अभिरक्षा में जेल में है । इस बीच अकरम अली ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि 3 करोड़ के घपले में और लोग भी शामिल होंगे इसलिये मामले की जांच आर बी आई व सी बी आई से कराई जाये । हाईकोर्ट ने मामले को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है ।
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