नैनीताल । न्यायिक मजिस्ट्रेट/प्रथम अपर सिविल जज (जू०डि०) उर्वशी रावत की अदालत ने चोरी के मामले में दो आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया है। मामला भवाली थाना क्षेत्र का है, जहाँ शिकायतकर्ता जगदीश चंद्र तिवाड़ी की नई बोलेरो गाड़ी से स्टेपनी और पिछला टायर चोरी होने का आरोप लगा था। पुलिस ने इस मामले में पिथौरागढ़ निवासी कमलेश सिंह मेहरा और लॉब संग खिमाल को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ धारा 379, 411 और 34 के तहत आरोप पत्र दाखिल किया था।
आरोपियों की ओर से अधिवक्ता दीपक रूवाली व हितेश पाठक ने पैरवी की ।
न्यायालय ने अपने निर्णय में अभियोजन पक्ष की थ्योरी में कई गंभीर कमियां और विरोधाभास पाए। अदालत ने नोट किया कि घटना के सबूत के तौर पर पेश की गई सीटीटीवी फुटेज की डीवीडी कानूनी रूप से साक्ष्य अधिनियम की धारा 65बी के तहत सही प्रमाण पत्र से समर्थित नहीं थी, क्योंकि यह प्रमाण पत्र कैमरे के मालिक के बजाय शिकायतकर्ता द्वारा दिया गया था, और फुटेज में चेहरा भी स्पष्ट नहीं था। इसके अलावा, चोरी हुए टायरों का कोई सीरियल नंबर या विशिष्ट पहचान उपलब्ध नहीं थी और कथित रूप से बरामद टायरों को कभी कोर्ट के समक्ष पेश ही नहीं किया गया।
साथ ही, एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी का कोई ठोस कारण न होने और गवाहों के बयानों में भारी विरोधाभास के चलते अदालत ने माना कि अभियोजन पक्ष मामले को संदेह से परे साबित करने में पूरी तरह असफल रहा है।


