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​नैनीताल । अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि रंजन की अदालत ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में सुनवाई करते हुए अभियुक्त खुशाल सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया है।
मामला जनवरी 2021 का है, जब मुखानी थाना क्षेत्र के अंतर्गत पूर्ति निरीक्षक रवि सनवाल और पुलिस टीम ने गुरुकुल रोड बोरा कॉलोनी के पास एक परिसर से खुशाल सिंह की मौजूदगी में 4 घरेलू गैस सिलेंडर (एक इंडेन और तीन भारत गैस), अवैध रिफिलिंग उपकरण (फुट पंप और पीतल का नोजल) और 5950 रुपये नकद बरामद करने का दावा किया था। अभियोजन पक्ष का आरोप था कि अभियुक्त घरेलू गैस सिलेंडरों से अवैध रिफिलिंग कर उन्हें टेंपो चालकों को बेचकर कालाबाजारी कर रहा था, जिसके बाद उसके खिलाफ धारा 3/7 आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
​मामले की सुनवाई के दौरान अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रवि रंजन की अदालत ने पाया कि अभियोजन पक्ष अपने दावों के समर्थन में ठोस और विश्वसनीय साक्ष्य प्रस्तुत करने में पूरी तरह असफल रहा। अदालत ने फैसले में रेखांकित किया कि पुलिस और पूर्ति निरीक्षक ने जिस परिसर से बरामदगी दिखाई थी, पूरी विवेचना के दौरान उसके असली मालिक या उस पर अभियुक्त के कब्जे का कोई पता नहीं लगाया जा सका, जबकि अभियुक्त को सड़क से पकड़ा गया था। इसके अलावा, घटना की कागजी कार्रवाई में 1 से डेढ़ घंटे का समय लगने की बात कही गई, लेकिन एफआईआर गिरफ्तारी के मात्र 20 मिनट बाद ही दर्ज कर ली गई, जो समय के लिहाज से संदिग्ध प्रतीत हुई। साथ ही माल की सुपुर्दगी से जुड़ा सुपुर्दगीनामा भी सिर्फ छायाप्रति होने के कारण साक्ष्य में मान्य नहीं पाया गया, जिसके चलते न्यायालय ने खुशाल सिंह को सभी आरोपों से बरी करने का आदेश जारी किया। आरोपी की ओर से अधिवक्ता दीपक रूवाली ने पैरवी की
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