नैनीताल । राज्य में बड़े स्तर पर चिकित्सकों के स्थानांतरण किए जाने से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने के संबंध में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के प्रार्थना पत्र का संज्ञान लेकर मामले की हाईकोर्ट ने सुनवाई की ।
स्वास्थ्य सेवाओं के संबंध में पूर्व में दायर जनहित याचिका में नियुक्त न्यायमित्र दुष्यंत मैनाली ने कोर्ट के समक्ष चिकित्सकों के स्थानांतरण के बाद स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की जानकारी कोर्ट को दी । जिसके बाद विगत दिवस कोर्ट ने सरकार से जबाव मांगा था । आज सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि इस स्थानांतरण सूची को बदलकर नई सूची जारी कि जाएगी ।
सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खण्डपीठ ने राज्य सरकार से इन स्थानांतरणों पर पुनर्विचार कर एक सप्ताह में कोर्ट को अवगत कराने को कहा है। साथ ही कोर्ट ने भवाली सेनिटोरियम को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल बनाए जाने के लिए पूर्व में दिए गए निर्देशों की प्रगति रिपोर्ट के बारे में भी बताने को कहा है ।
आज राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि भवाली सेनिटोरियम के लिए 250 सौ करोड़ की डीपीआर बनाकर सरकार को भेज दिया है। जो बजट की सुविकृत के लिए वित्त विभाग के पास है। बजट की स्वीकृत होने के बाद कार्य प्रारंभ किया जाएगा। सुनवाई पर न्यायमित्र की तरफ से कहा गया कि राज्य सरकार ने बीते दिनों राजकीय मेडिकल कालेज सुशीला तिवारी के 16 वरिष्ठ डॉक्टर और बीडी पांडे जिला चिकित्सालय नैनीताल से 6 वरिष्ठ डॉक्टरों सहित प्रदेश के कई प्रमुख अस्पतालों से चिकित्सकों का स्थानांतरण कर दिया है। जिसकी वजह से इन अस्पतालों के मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उनकी जगह किसी अन्य डॉक्टर की नियुक्ति भी नहीं की गई। जबकि इन अस्पतालों में रेफर के केस आते हैं। इसलिए उनके स्थानांतरण पर पुनर्विचार किया जाय। स्थानांतरण होता भी है तो उनकी जगह स्पेसलिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति की जाय। जिससे मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। मामले की अगली सुनवाई हेतु 10 जुलाई की तिथि नियत की है।


