बाइट -: नैनीताल ।
अध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण/ आयुक्त/ सचिव मुख्यमंत्री/दीपक रावत की अध्यक्षता में जिला विकास प्राधिकरण सभागार नैनीताल में जिला विकास प्राधिकरण की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जनहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर निर्णय लिए।
बैठक में भीमताल क्षेत्र में कृषि भूमि उपयोग एवं स्थानीय निवासियों के नक्शे पास कराने में आ रही दिक्कतों पर चर्चा हुई। अवगत कराया कि पूर्व में कुछ बिल्डरों द्वारा स्थानीय आवश्यकता के प्रावधान का दुरुपयोग किया जा रहा था। बोर्ड के निर्णयानुसार, 60 वर्गमीटर तक के स्थानीय जरूरत के सभी नक्शे पास कर दिए गए हैं। वहीं, जहां एक परिवार के 4-5 सदस्य अलग-अलग नक्शे व्यावसायिक उद्देश्य से पास करा रहे थे, ऐसे मामलों को बोर्ड द्वारा अस्वीकृत किया गया है।
बैठक में बोर्ड द्वारा विभिन्न निर्णय लेने के साथ ही बोर्ड के आय व्यय पर चर्चा की गई। तथा आय बढ़ाने के साथ ही जनहित में विभिन्न जनसुविधाओं को बढ़ाने पर जोर दिया गया।
बैठक में सचिव प्राधिकरण ने अवगत कराया कि प्राधिकरण में आईटी एक्सपर्ट का कोई पद नहीं है। इस पर बैठक में तकनीकी कार्यों के बेहतर संचालन हेतु आईटी एक्सपर्ट की नियुक्ति को स्वीकृति दी गई। साथ ही, पार्कों व हरियाली के विकास के मूल उद्देश्य को देखते हुए हॉर्टिकल्चर एक्सपर्ट की नियुक्ति को भी अनुमोदन दिया गया।
बैठक में बोर्ड द्वारा निर्णय लिया गया ,जिसमें हल्द्वानी चौराहों का चरणबद्ध तरीके से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। प्रथम चरण में कुसुमखेड़ा चौराहे को लिया गया है। आगामी चरणों में अन्य चौराहों पर भी कार्य होगा।
बैठक में कुमाऊं आयुक्त ने निर्देश दिए कि नैनीताल शहर में बढ़ते ट्रैफिक व स्थानीय लोगों की पार्किंग जरूरतों को देखते हुए नैनीताल नगरीय क्षेत्र में जहाँ जहॉं नजूल की छोटी-छोटी सरकारी भूमि पड़ी है उसे चिन्हित कर वहां पॉकेट पार्किंग विकसित करने हेतु प्रस्ताव तैयार किया जाय। ताकि मोहल्लों में पार्किंग की सुविधा मिल सके।
कुमाऊं आयुक्त ने अवगत कराया कि नैनीताल में देखा गया कि कई बार सील बिल्डिंग या चालान वाली इमारतों एवं एकल आवास में होम स्टे स्वीकृत हो रहे हैं। कई जगह एक मंजिल पास है और मौके पर तीन मंजिला भवन बना है जो सुरक्षा की दृष्टि उचित नहीं है। उन्होंने पर्यटन व प्राधिकरण विभाग को निर्देश दिए कि वह तत्काल नैनीताल नगर में संचालित हो रहे सभी होम स्टे का निरीक्षण करते हुए अवैध रूप से चल रहे होम को सील कर संबंधित के खिलाफ कार्यवाही करें। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण मानचित्र की अनुमति देने से पहले अनिवार्य रूप से जांच कर लें कि भवन सील या चालान की श्रेणी में तो नहीं है। बैठक में जनहित और शहर की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उक्त निर्णय लेते हुए संबंधित को कार्यवाही के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था के साथ स्थानीय नागरिकों को सुविधा देना है।
बैठक में लैंड यूज, पुनर्निर्माण की स्वीकृति के साथ ही जनहित के प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुये पर्यटन एवं स्वरोजगार को बढ़ावा दिये जाने हेतु विभिन्न प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई।
आयुक्त ने बैठक में जिला पर्यटन विकास अधिकारी को निर्देश दिए कि होम स्टे के पूर्व निरीक्षण के दौरान जो भी कमी पाई गई है और होमस्टे स्वामी को विभाग द्वारा नोटिस जारी किया गया है और उसके बाद भी स्वामी द्वारा न ही अनुपालन किया जा रहा है और न ही प्रतिउत्तर दिया जा रहा है ऐसे होमस्टे के खिलाफ सख्त कार्यवाही कर पंजीकरण निरस्त करें।
बैठक में ऑनलाइन प्राप्त विभिन्न आवासीय एवं व्यवसायिक मानचित्रों को स्वीकृति एवं अस्वीकृति प्रदान की गई
आयुक्त ने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों में जहां भू-स्खलन सभावित क्षेत्र हैं उन स्थानों पर भवन एवं अन्य स्वीकृति हेतु संयुक्त सर्वे के साथ ही भू-वैज्ञानिक की रिपोर्ट अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए तभी निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की जाए।
बैठक के दौरान विभिन्न आवेदन ऐसे भी प्राप्त हुए जिसमें एक ही परिवार के सभी सदस्यों द्वारा एक ही भूखण्ड में भवन निर्माण हेतु आवेदन किया गया है ताकि बाद में एक ही भवन का निर्माण किया जा सके जो नियम विरुद्ध है ऐसे आवेदनों को बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान नहीं की गई। आयुक्त ने कहा कि नियमों की अवहेलना करने पर वैधानिक कार्यवाही भी अमल में लाई जाए।
बैठक में नैनीताल शहर में एवं अन्य स्थानों में पुराने भवन के पुनर्निर्माण हेतु आवेदन प्रस्तुत किए गए थे समिति द्वारा ऐसे आवेदनों पर इस शर्तानुसार सहमति दी कि भवन पुनर्निर्माण स्वीकृति उतने ही डाइमेंशन एरिया में स्वीकृति दी जाए जितने में पुराना भवन निर्मित था, स्वीकृति से पूर्व क्षतिग्रस्त भवन की फोटोग्राफ का अवलोकन अवश्य किया जाए। इसी प्रकार कम्पाउंड वाले आवेदनों पर आयुक्त ने कहा कि पहले पुराना अवैध निर्माण पूर्ण ध्वस्त होगा तभी नए की स्वीकृति प्रदान की जाएगी।
बैठक में नगर निगम क्षेत्र हल्द्वानी अंतर्गत विभिन्न स्थानों में सार्वजनिक सौचालय निर्माण की भी बोर्ड द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई।
इसके अतिरिक्त यह भी निर्णय लिया गया कि नक्शे स्वीकृति के उपरांत भवन निर्माण के बाद सम्बंधित स्वामी द्वारा नक्शे स्वीकृति से संबंधित शिलापट अथवा बोर्ड अनिवार्य रूप से भवन के बाहर लगाना अनिवार्य होगा नहीं लगाए जाने पर 5 हजार रुपये का चालान होगा।
इस संबंध में सचिव जिला विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए। आयुक्त ने कहा कि प्राधिकरण की टीम क्षेत्र में पैदल भ्रमण भी करें, कहीं भी बिना अनुमति एवं अवेध रूप से निर्मित निर्माण को सील आदि की कार्यवाही करें।
बोर्ड की बैठक में जनपद के विभिन्न प्राधिकरण क्षेत्रों में पर्यटन की गतिविधियों को बढावा देने हेतु होटल, रैस्टोरेंट संचालन हेतु आवेदनों को प्राधिकरण के द्वारा नियमानुसार स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में आयुक्त ने बोर्ड की बैठक में प्राधिकरण के अधिकारियो को निर्देश दिये कि जिन मानचित्रों की स्वीकृति प्रदान की गई है उसी के अनुरूप भूखण्ड में निर्माण हो यह भी सुनिश्चित किया जाए। इस हेतु उन्होंने प्राधिकरण के अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने भी निर्देश दिये। बैठक में अध्यक्ष द्वारा निर्देश दिए कि बैठक में जिन भी मानचित्रों को स्वीकृति प्रदान की गई है अगली बैठक में कार्य स्थल पर किए जा रहे कार्यों की रिपोर्ट व उनके फोटोग्राफ उपलब्ध कराएंगे।
बैठक में उपाध्यक्ष जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण/जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार,संयुक्त सचिव एपी बाजपेयी, आयुक्त नगर निगम हल्द्वानी परितोष वर्मा,नगर नियोजक आर एल भारती, वित्त अधिकारी ऋचाशू शर्मा के साथ ही बोर्ड के सदस्य एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


