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नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट की मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने इंटरार्क कंपनी सिडकुल पंतनगर एवं किच्छा में कार्यरत 32 मज़दूरों के उत्तराखंड राज्य से बाहर किये गए स्थानांतरण पर रोक लगाने के एकलपीठ के आदेश को सही मानते हुए ईंटार्क प्रोडक्ट प्रा.लिमिटेड प्रबंधन की विशेष याचिका खारिज कर दी। प्रबन्धन की स्पेशल अपील की सुनवाई 8 जून को मुख्य न्यायधीश विपिन सांघी व न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ में हुई ।
उच्च न्यायालय की एकल पीठ द्वारा 24 मई को ईंटार्क प्रबन्धन द्वारा 32 मजदूरों का दूसरे राज्य में स्थानर्न पर रोक लगाते हुए मजदूरों के पक्ष में निर्णय दिया गया था। मजबूरन प्रबंधन को 25 मई से मज़दूरों की सवेतन कार्यबहाली करनी पड़ी, लेकिन उन मज़दूरों को प्लांट में नहीं लिया और घर बैठकर वेतन देने की बात की।
इधर कंपनी प्रबंधन ने एकलपीठ के आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट की डबल बैंच में अपील की। जिस पर मुख्य न्यायधीश की अध्यक्षता वाली खण्डपीठ ने प्रबंधन की अपील को खारिज कर दिया।

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