नैनीताल । उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने सुरक्षा की गुहार लगाने आए एक प्रेमी जोड़े के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए नाबालिग प्रेमिका को नारी निकेतन हल्द्वानी भेजने व प्रेमी युवक को पुलिस हिरासत में लेने का आदेश दिया है। यह प्रेमिका युगल पटियाला पंजाब से नैनीताल आया था । पटियाला में नाबालिग युवती के पिता ने युवक के खिलाफ अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है ।
न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए पाया कि याचिकाकर्ता युवती की वास्तविक जन्मतिथि 02 अक्टूबर 2008 है, जिसके अनुसार वह अभी नाबालिग है। साथ ही, याचिकाकर्ता संख्या 2 (युवक) की आयु भी अभी विवाह के लिए निर्धारित 21 वर्ष से कम पाई गई है।
अदालत में पेश की गई पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, युवती के पिता ने पंजाब के पटियाला जिले के राजपुरा सिटी थाने में इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस एफ आई आर में युवक पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 96 और 137 के तहत अपहरण का मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में पुलिस ने अदालत को सूचित किया कि युवती फिलहाल कक्षा 10 की छात्रा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए न्यायालय ने मल्लीताल कोतवाली से एक दरोगा को कोर्ट में बुलाया । जिस पर उप-निरीक्षक प्रवीण कुमार कोर्ट में पहुंचे । कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया कि वे नाबालिग युवती को तत्काल हल्द्वानी स्थित नारी निकेतन में भर्ती कराएं। साथ ही नारी निकेतन की अधीक्षिका को आदेश दिया है कि युवती के पिता के पहुंचने पर उन्हें अपनी बेटी से मिलने दिया जाए और उचित सत्यापन के बाद युवती को पिता को सौंपा जा सकता है ।
वहीं प्रेमी जतिन के मामले में न्यायालय ने पुलिस को निर्देश दिया है कि पंजाब पुलिस से संपर्क कर उसे हिरासत में सौंपने की प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके साथ ही, अदालत में मौजूद युवक की रिश्ते की चचेरी बहन सहारनपुर उत्तर प्रदेश निवासी रुबी रानी और एक अन्य व्यक्ति अक्षय कुमार जो आज कोर्ट में मौजूद थे, से पुलिस को अंडरटेकिंग लेने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उनसे संपर्क किया जा सके। पुलिस उनके बारे में और जानकारी भी जुटाएगी ।
न्यायालय ने एस.एच.ओ. नैनीताल को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जब तक पंजाब पुलिस युवक को अपनी कस्टडी में नहीं ले लेती, तब तक दोनों याचिकाकर्ताओं की सुरक्षा के लिए उचित उपाय किए जाएं। इन निर्देशों के साथ उच्च न्यायालय ने इस रिट याचिका को अंतिम रूप से निस्तारित कर दिया है।


