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नैनीताल । प्राथमिक शिक्षा के अंतर्गत 30 से 35 वर्षों की लंबी सेवा के उपरांत भी मात्र एक पदोन्नति के भरोसे चल रहे प्राथमिक शिक्षकों ने कई सवाल खड़े किए हैं । संघ का कहना है कि प्राथमिक शिक्षक के रूप में नई नियुक्ति के बाद अधिकतम एक पदोन्नति प्रधानाध्यापक प्राथमिक विद्यालय अथवा सहायक अध्यापक जूनियर से ही सेवानिवृत्त हो जाता है, जबकि अन्य सभी विभागों में कार्मिकों को कई-कई पदोन्नतियों का लाभ प्राप्त होता है।

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इस बाबत प्राथमिक शिक्षक संघ ने निदेशालय को ज्ञापन भेज कर इस विषय में कई सवाल पूछे हैं।

 

उत्तराखंड राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय पदाधिकारी मनोज तिवारी ने निदेशालय को प्रेषित ज्ञापन में इस विषय पर गहरा रोष व्यक्त किया है । उनका कहना है कि समाज के सबसे महत्वपूर्ण शिक्षा जैसे विषय पर शिक्षकों के गौरव और सम्मान की पूर्णतया अनदेखी की जा रही है उन्होंने पूरे सेवा काल में एसीपी का लाभ अनुमन्य कर न्यूनतम तीन पदोन्नतियां दिए जाने की मांग की है।

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संगठन का कहना है की उन्होंने प्राथमिक शिक्षा एवं शिक्षकों के हितों के लिए लंबे संघर्ष के बाद सरकार से पृथक प्राथमिक शिक्षा निदेशालय बनवाया था परंतु दुर्भाग्य का विषय है कि आज यह निदेशालय मात्र सूचनाओं के आदान-प्रदान तक सीमित हो चुका है।

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