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नई दिल्ली । देश की राजनीति में आज एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया जब भारत के उप-राष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना त्यागपत्र भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को सौंपते हुए कहा कि यह निर्णय उन्होंने स्वास्थ्य संबंधी कारणों और चिकित्सकीय परामर्श के आधार पर लिया है।

श्री धनखड़ ने अपने इस्तीफे में उल्लेख किया कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता देनी आवश्यक हो गई है, और ऐसे में उप-राष्ट्रपति जैसे संवैधानिक पद की जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा और ऊर्जा के साथ निभाना संभव नहीं रह गया था।

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धनखड़ का यह कदम ऐसे समय पर सामने आया है जब संसद का मानसून सत्र आज से आरंभ हुआ है। उनका इस्तीफा राजनीति और प्रशासनिक हलकों में चौंकाने वाला माना जा रहा है।

राजनीतिक हलचल तेज
उप-राष्ट्रपति के इस्तीफे के बाद अब देश में एक नए उप-राष्ट्रपति के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संविधान के अनुच्छेद 67 के अनुसार, यह पद खाली होने की स्थिति में 6 महीने के भीतर नया चुनाव कराया जाना अनिवार्य है।

जनप्रतिनिधियों में सम्मान और शुभकामनाएं
प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने श्री धनखड़ के कार्यकाल की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। धनखड़ ने अपने कार्यकाल में राज्यसभा की कार्यवाही को मर्यादित रूप से संचालित करने के लिए कई बार सराहना प्राप्त की थी।

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पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल रह चुके श्री जगदीप धनखड़ ने अगस्त 2022 में भारत के 14वें उप-राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। उनका कार्यकाल 2027 तक था । अपने संवैधानिक कार्यों के अलावा वे किसानों, युवाओं और शिक्षा के मुद्दों पर भी सदैव मुखर रहे।

अब यह देखना शेष है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष किस प्रत्याशी पर सहमति बनाते हैं, और देश को अगला उप-राष्ट्रपति कौन मिलेगा ।

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