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नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने प्रो.अजय सिंह रावत की जनहित याचिका में पूर्व में निर्देशों को संशोधित किए जाने की मांग को लेकर स्थानीय टैक्सी यूनियन के प्रार्थना पत्र की सुनवाई के दौरान बुधवार को जिला प्रशासन की ओर से एक रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई । जिसमें प्रशासन ने टैक्सी संचालन को लेकर कई सुझाव दिए हैं । कोर्ट ने इन सुझावों पर अमल करने को कहा है ।

 

 

 मामले की सुनवाई मुख्य न्यायधीश मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खण्डपीठ में हुई । पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने जिला प्रशासन से टैक्सी चालकों की समस्याओं का समाधान किए जाने हेतु कमेटी गठित करने,कमेटी की बैठक कर उसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के निर्देश दिए थे । जिसके बाद जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी गठित हुई ।
 इस कमेटी की बैठक 25 मई को हुई। जिसमें जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टीसी, अपर जिला अधिकारी सौरभ अग्रवाल,एसपी जगदीश चंद्र, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन अरविंद पांडे, संभागीय परिवहन अधिकारी प्रशासन गुरुदेव सिंह, ईओ रोहिताश शर्मा सहित विभिन्न संगठनों के लोग शामिल हुए । बैठक में प्राप्त शिकायतों के आधार पर रिपोर्ट तैयार की गई ।
   रिपोर्ट में कहा गया कि शहर के स्थानीय  400 टैक्सी वाहनों वाहनों को शहर में आने की छूट दिए जाने पर विचार किया जाएगा। लेकिन अगर कोई टैक्सी वाहन स्वामी अपने वाहन को नो पार्किंग जोन में खड़ा करता है तो उसका पंजीकरण निरस्त करने पर विचार किया जाएगा । शहर के लिए केवल 62 टैक्सी बाइकों का संचालन किया जाएगा, लेकिन उनका पंजीकरण 2017 के बाद का न हो । टैक्सी एजेंसियों को 5 वाहन रखने की अनुमति दी जाएगी लेकिन उनके पास अपनी स्वयं की पार्किंग होनी अनिवार्य है। इसके अलावा कमेटी ने कई अन्य सुझाव भी कोर्ट में पेश किए। जिनका अवलोकन करने के बाद कोर्ट ने इन्हें अमल में लाने को कहा है।
कमेटी की रिपोर्ट के प्रमुख अंशु:

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