इस बार वट सावित्री व्रत दिनांक 16 मई 2026 दिन शनिवार को मनाया जाएगा। वट सावित्री अमावस्या के दिन जहां एक ओर सौभाग्य योग और शोभन योग का निर्माण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर इस दिन शनिवार होने के कारण वट सावित्री अमावस्या शनिश्चरी अमावस्या भी बन रही है। जो इसे और अधिक फलदाई बनाएगा। इसके साथ ही इस दिन सौभाग्य योग और शोभन योग का निर्माण हो रहा है, जो विवाहित महिलाओं के लिए सुख सौभाग्य और पति की लंबी आयु का वरदान लाते हैं। इस पावन दिन सुहागिन महिलाएं बरगद ( वट )के पेड़ की पूजा करती हैं,और सती सावित्री , सत्यवान की पौराणिक कथा सुनती हैं।
*शुभमुहूर्त-:*
इस दिन यदि अमावस्या तिथि की बात करें तो 50 घड़ी 22 पल अर्थात रात्रि 1: 31बजे तक अमावस्या तिथि रहेगी। इस दिन भरणी नामक नक्षत्र 30 घड़ी 20 पल अर्थात शाम 5:30 तक है। सौभाग्य नामक योग 12 घड़ी 40 पल अर्थात प्रातः 10:26 तक है तदुपरांत शोभन योग प्रारंभ होगा। पूजा का मुहूर्त सुबह से दिन में 1.35 बजे तक अति शुभकारी है ।
*ज्योतिषाचार्य पंडित प्रकाश जोशी गेठिया नैनीताल।*


