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नैनीताल ।  राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद द्वारा यू सी सी के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन नहीं करने वाले कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश को  तुगलकी तथा असंवैधानिक करार देते हुए पुरजोर विरोध करने का निर्णय लिया गया तथा शासन से माह मार्च के वेतन शीघ्र निकालने की मांग की गई। इस एक्ट के तहत 2010 के बाद जिस कर्मचारी की शादी हुई है उसे अपना रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है ।

 

परिषद के जिलाध्यक्ष असलम अली ने बताया कि रविवार को हुई वर्चुअल बैठक में यूसीसी के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले कार्मिकों का वेतन रोकने के प्रशासन के आदेश को तुगलकी तथा असवैधानिक फरमान क़रार दिया गया। क्योंकि एक्ट में विलंब से रजिस्ट्रेशन कराने पर अतिरिक्त विलम्ब शुल्क का प्रावधान हैं। इसलिए जो कार्मिक देर से रजिस्ट्रेशन कराता है तो उसे स्वयं ही दण्ड स्वरूप अधिक धनराशि का भूगतान कर दण्डित होना पड़ेगा। बैठक में परिषद के प्रांतीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरजेश काण्डपाल ने कहा कि मार्च माह का वेतन नहीं निकलने से कर्मचारियों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि इस अप्रैल महीने में कर्मचारियों को बच्चों को स्कूल में प्रवेश ,फीस, ड्रेस आदि पर अत्यधिक व्यय करना पड़ता है।

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बैठक में सभी वक्ताओं ने माह मार्च का वेतन शीघ्र निकालने एवं यूसीसी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराने वाले आदेश को वापस लेने की मांग की गई।

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बैठक की अध्यक्षता परिषद के संरक्षक बहादुर सिंह बिष्ट द्वारा की गई। बैठक में परिषद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष इसरार बेग,बीना बेलवाल, शिक्षक संघ के प्रदेश संयुक्त मंत्री मंत्री जगदीश सिंह बिष्ट,हल्द्वानी शाखा के महामंत्री संजय जोशी, तनवीर असगर, चंद्रशेखर सनवाल, गणेश सिंह बिष्ट, दीपक बिष्ट, नवल बिनवाल, आनन्द सिंह जलाल, सत्यप्रकाश प्रकाश द्विवेदी, आनन्द पाण्डेय,भूपाल सिंह बिष्ट, प्रताप सिंह मनराल, राजेंद्र प्रसाद,सहित कई कर्मचारी प्रतिनिधि उपस्थित थे ।

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