नैनीताल । जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत जोशी की अदालत ने कैंट रोड नैनीताल में 22 अप्रैल को एक युवक की खाई में धक्का देकर हत्या के एक सनसनीखेज मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दो मुख्य आरोपियों की जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है।
अदालत ने आरोपी रोहित सिंह बिष्ट पुत्र आनंद सिंह बिष्ट, निवासी ग्राम घुघूखान, सौड़) और कमल सिंह बिष्ट पुत्र गोविन्द सिंह बिष्ट की धारा 103(1), 238, और 3(5) भा०न्या०सं० के तहत दायर जमानत अर्जियों पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। कोर्ट ने मामले की गंभीरता और अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत किए गए पुख्ता सबूतों को देखते हुए आरोपियों को किसी भी प्रकार की राहत देने से साफ मना कर दिया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार दिनेश उपाध्याय (मृतक) निवासी देवली,ताड़ीखेत, के भाई बालादत्त उपाध्याय ने थाना तल्लीताल में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 22 अप्रैल 2026 को दिनेश नैनीताल घूमने गया था, जहाँ वह अपने दोस्त रोहित बिष्ट और उसके दो दोस्तों कमल सिंह बिष्ट व दूसरे रोहित सिंह से मिला। उसी रात के बाद से दिनेश का परिवार से संपर्क टूट गया, जिसके बाद 23 अप्रैल को भुजियाघाट क्षेत्र के होटल प्रबंधक भावेश पाण्डे ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। बाद में पूछताछ में खुलासा हुआ कि तीनों आरोपियों ने मिलकर दिनेश के साथ मारपीट की और उसे पहाड़ी से नीचे धक्का दे दिया, जिसके बाद उसका शव सड़क से करीब 90 मीटर नीचे बरामद हुआ।
अदालत में सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने जमानत का कड़ा विरोध किया। उन्होंने दलील दी कि टूटा पहाड़ तल्लीताल क्षेत्र में मृतक दिनेश चंद्र उपाध्याय को तीनों अभियुक्तों के साथ सीसीटीवी कैमरे में आते-जाते देखा गया था और घटना के बाद भी वे होटल में आते-जाते दिखाई दिए। इसके अलावा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड से घटना से पहले और बाद में आरोपियों के बीच बातचीत की पुष्टि हुई है। डॉक्टर की पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने भी इस बात की पुष्टि की कि मृतक के सिर पर आई चोटें स्वयं गिरने से नहीं आ सकती थीं। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने माना कि मामला अत्यंत गंभीर है और आरोपियों की जमानत याचिका खारिज कर दी।


