खबर शेयर करें 👉
नैनीताल ।  उत्तराखंड सरकार द्वारा राज्य में लागू समान नागरिक संहिता कानून (यू सी सी)को रद्द करने की माँग को लेकर शुक्रवार, 25 अप्रैल को नैनीताल कमिश्नरी में धरना प्रदर्शन किया जायेगा और आयुक्त कुमाऊँ मण्डल के माध्यम से भारत के राष्ट्रपति को एक ज्ञापन प्रेषित किया जायेगा ।
  विभिन्न संगठनों द्वारा 25 अप्रैल को पूर्वान्ह 11 बजे से तल्लीताल रिक्शा स्टैंड पर होने वाले इस धरने में डेढ़ दर्जन से अधिक जन संगठन और राजनीतिक दल भाग लेंगे ।
ध्यान रहे कि विगत 27 जनवरी से उत्तराखंड में समान नागरिक संहिता क़ानून लागू हो गया है।
 जन संगठनों की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि यू सी सी के अन्तर्गत उत्तराखंड में विगत एक वर्ष से रह रहे लोगों के लिये विवाह, तलाक और लिव इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य है। 18 वर्ष से 100 वर्ष तक के लोगों के लिये 44 कॉलम वाले 16 पेज का फॉर्म भरना अनिवार्य होगा।  पंजीकरण न कराने वालों को जन कल्याणकारी योजनाओं से वंचित कर दिया जायेगा। सरकारी कर्मचारियों को पंजीकरण न कराने पर वेतन रोकने की धमकी दी जा रही है ।
यह संविधान विरोधी कानून मूलतः अल्पसंख्यकों को परेशान करने की दृष्टि से लाया जा रहा है, मगर इससे महिलाओं के कष्ट भी बहुत बढ़ेंगे। जनता में इस कानून को लेकर बहुत अधिक नाराज़गी है और उत्तराखंड भर में इसका विरोध हो रहा है । इसी क्रम में कुमाऊँ कमिश्नरी के मुख्यालय में यह धरना आयोजित किया जा रहा है।
धरने में नैनीताल पीपुल्स फोरम, उत्तराखंड वन पंचायत संघर्ष मोर्चा, उत्तराखंड महिला मंच, कांग्रेस पार्टी जिला नैनीताल, उत्तराखंड लोक वाहिनी, उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी, समाजवादी लोक मंच, सेंटर फॉर स्ट्रगलिंग ट्रेड यूनियन्स, इंकलाबी मजदूर केंद्र, क्रांति कारी लोक अधिकार संगठन, प्रगतिशील महिला एकता केन्द्र, परिवर्तनकामी छात्र संगठन, महिला किसान अधिकार मंच, उत्तराखंड सर्वोदय मण्डल, भाकपा-माले, उत्तराखंड वन भूमि जन मंच, उत्तराखंड सद्भावना मंच और ऑल इंडिया लॉयर्स एसोसिएशन फॉर जस्टिस आदि राजनैतिक दल और जन संगठन भाग ले रहे हैं ।

You missed

You cannot copy content of this page