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नैनीताल । उत्तराखंड हाईकोर्ट ने पिथौरागढ़ पुलिस द्वारा सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देशों का पालन न कर एक व्यक्ति की गिरफ्तारी करने पर   राज्य सरकार, डीआईजी कुमाऊं, एसएसपी पिथौरागढ़ ,एसएचओ कोतवाली पिथौरागढ़ से तीन सप्ताह के भीतर जवाब पेश करने को कहा है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक कुमार वर्मा की एकलपीठ में हुई ।

       मामले के अनुसार प्रकाश उपाध्याय ने याचिका दायर कर कहा है कि मई 2020 में उनके खिलाफ 420 का  एक केस दर्ज हुआ था । जिसको उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती देकर स्टे ले लिया था। उसके बाद पिथौरागढ़ पुलिस द्वारा 3 दिसम्बर 2021 को उनके खिलाफ इसी मामले में चार और मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया। याचिकर्ता का कहना है कि जब उनकी इस मामले में हाईकोर्ट से गिरफ्तारी पर रोक लग चुकी थी तो फिर उन्हें किस आधार पर गिरफ्तार किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने अरनेश  कुमार के मामले में दिशा निर्देश दिए थे कि सात साल से कम सजा के मामले में पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकती है । आरोपी को नोटिस देकर जाँच कर सकती है। लेकिन पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जो सुप्रीम कोर्ट के अरनेश कुमार के मामले में दिए गए दिशा निर्देशों का उल्लंघन है।
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